सीहोर। सागौन के एक हजार पेड़ों की हत्या कर दी गई। जंगल को समतल करने के लिए घटना को अंजाम दिया गया। पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलने और जंगल भूमि पर अतिक्रमण से दुखी डाबरी गांव के ग्रामीण मंगलवार को बैनर पोस्टरो के साथ कलेक्ट्रेट पहुंच गए।
कलेक्ट्रेट में ग्रामीणों ने नारेबाजी की और पेड़ों के हत्यारे अतिक्रमण कर्ताओं को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग प्रशासनिक अधिकारियों से की। ग्राम वासियों ने डिप्टी कलेक्टर गिरिराज परिहार कलेक्टर का नाम का ज्ञापन दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि वन विकास की चौकी के पास खुलेआम सब कुछ हुआ। एक पेड़ मां के नाम प्रधानमंत्री का आह्वान और नर्मदा किनारे लाखों पेड़ लगाने वाले केंद्रीय कृषि मंत्री का सपना भी चूर-चूर हो गया। वनो के विकास के लिए सरकार द्वारा बनाया गया वन विकास निगम ही वनों का विनाशक बन गया। पेड़ पौधे लगाने के नाम पर सरकार के करोड़ों रुपए खर्च करने वाला वन विकास निगम ही एक हजार से अधिक सागौन के पेड़ कटवा कर खुद ही कटघरे में खड़ा हो गया।
ग्राम वासियों ने कहा कि कम्पोन्ट नम्बर आर-259 व आर-260 व आर-459 में भू माफिया और जंगल माफिया ने मिलकर एक हजार से अधिक सागौन के वृक्षो को काट दिया। ग्रामवासीयां ने मौके पर जाकर देखा तो हजारो सागौन के वृक्षो की अवेध रूप से कटाई की जा रही थी और जंगल भूमि को कृषि के लिए ट्रैक्टर चलाकर समतल किया जा रहा था। अज्ञात लोगों के द्वारा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। पूरे मामले में वन विकास निगम के क्षेत्रीय अधिकारी कर्मचारियो की भूमिका संदिग्ध है । वनप्रेमी ग्राम वासियों ने वन कटाई पर तत्तकाल रोक लगाने और पचास एकड़ से अधिक जंगल को काटकर धरती को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों और जंगल कटाई में और उपयोग के साथ-साथ कट करने वाले वन विकास निगम के अधिकारियों कर्मचारियों पर आपराधिक मुकदमा दर्जकर कठोर दण्डात्मक कार्यवाही किए जाने की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में सुनील मीणा, सोपानसिंह, श्रीकिशन,बाबूलाल जाट,सुनील मीना,लखनलाल गौरीशंकर, राम लाल, मीना,अम्बाराम, तेजराम, ओम सिंह ,मुकेश,ज्वारीलाल,पदम सिंह, नंदराम,मोहन सिंह ,लखनलाल,मुकेश,साहूलाल ,सतीश, फूलसिंह सुरेश,थान सिंह,प्रीतम,ललित राय, शेरसिंह, जसमत सिंह, परवेज,जमशेद भेड,लक्ष्मीनाराय,मनोराम,साबिर सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी शामिल रहे।

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