बुधनी अधोसंरचना विकास परियोजना में लापरवाही पर एमपीयूडीसी की बड़ी कार्रवाई संविदाकार ब्लैकलिस्ट, अनुबंध समाप्त, 5 करोड़ 40 लाख रुपये की बैंक गारंटी राजसात

 सीहोर, 05 अगस्त 2026    मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी (एमपीयूडीसी) ने बुधनी अधोसंरचना विकास परियोजना में कार्यों की अत्यंत धीमी प्रगति एवं संविदा की शर्तों के लगातार उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संविदाकार मेसर्स जेएससी आईए वोज़रोज़्देनिये इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एवं मेसर्स काश्यपी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (संयुक्त उपक्रम) के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। कम्पनी के प्रबंध संचालक श्री संकेत भोंडवे के निर्देश पर संविदाकार का अनुबंध समाप्त करते हुए उसे एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया है तथा लगभग 5 करोड़ 40 लाख रुपये की बैंक गारंटी राजसात करने की कार्रवाई भी की गई है।

     उल्लेखनीय है कि उक्त संयुक्त उपक्रम को एमपीयूएसआईपी-एएफ पैकेज-1जी (ए) के अंतर्गत बुधनी अधोसंरचना विकास परियोजना में टॉय विलेज, रेंटल हाउसिंग, कन्वेंशन सेंटर, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, हाट बाजार सहित अन्य निर्माण कार्यों का दायित्व सौंपा गया था। अनुबंध के अनुसार कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाना था, किन्तु परियोजना में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी कार्य की प्रगति अत्यंत धीमी रही।

    कम्पनी द्वारा समय-समय पर संविदाकार को कार्य में तेजी लाने, पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने, अभिकल्प एवं आरेख समय पर प्रस्तुत करने तथा संविदात्मक दायित्वों का पालन करने के लिए अनेक नोटिस, समीक्षा बैठकें एवं कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किए गए। इसके बावजूद परियोजना की कार्य प्रगति संतोषजनक नहीं थी। संविदाकार द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण भी अनुबंधीय दायित्वों के अनुरूप संतोषजनक नहीं पाया गया।

    समस्त तथ्यों एवं अभिलेखों के परीक्षण के उपरांत मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी ने अनुबंध की शर्तों के अनुरूप संविदाकार का अनुबंध समाप्त करने, उसे ब्लैकलिस्ट करने तथा लगभग 5 करोड़ 40 लाख रुपये की बैंक गारंटी की राशि राजसात करने का निर्णय लिया है।      मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी के प्रबंध संचालक श्री संकेत भोंडवे ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की अधोसंरचना परियोजनाओं में गुणवत्ता, समयबद्धता एवं वित्तीय अनुशासन से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। परियोजनाओं में लापरवाही अथवा संविदा की शर्तों का उल्लंघन करने वाले संविदाकारों के विरुद्ध अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिससे सार्वजनिक धन का संरक्षण हो तथा नागरिकों को समय पर अधोसंरचना सुविधाओं का लाभ मिल सके।

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