25 अगस्त को निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा, सीवन तट से कुबेरेश्वरधाम तक गूंजेंगे हर-हर महादेव के जयकारे प्रदोष के दिन 11 किमी की यात्रा में शामिल होंगे अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा सहित लाखों श्रद्धालु


सीहोर। सावन मास के अंतिम चरण में शहर के सीवन नदी के तट से प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम तक आस्था का सैलाब लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेकर 11 किलोमीटर की दूरी तय कर भगवान शिव का जलाभिषेक करने धाम पहुंच रहे हैं। आगामी 25 अगस्त को प्रदोष के दिन सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम तक भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा में अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

कांवड़ यात्रा को लेकर सीवन नदी के तट पर पूरे सावन माह में विशेष धार्मिक वातावरण बना हुआ है। यहां पूजा-अर्चना की सामग्री, कांवड़ और अन्य धार्मिक सामग्री की दुकानें सजी हुई हैं। जैसे-जैसे 25 अगस्त की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे कांवड़ यात्रियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।

100 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए जाएंगे

भव्य कांवड़ यात्रा को लेकर विठलेश सेवा समिति और प्रशासन द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। समिति के पदाधिकारी श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम तक विभिन्न स्थानों पर 100 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां कांवड़ यात्रियों के लिए पेयजल, चाय-नाश्ता, फलहारी खिचड़ी और भोजन प्रसादी सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पार्किंग, यातायात, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और यूपी से पहुंचे कांवड़ यात्री

बुधवार को कुबेरेश्वरधाम पहुंचे कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया। महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और उत्तरप्रदेश से आए श्रद्धालुओं ने धाम परिसर में भजन-कीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस मौके पर पंडित राघव मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव की भक्ति के लिए सावन माह का विशेष महत्व है। कथा और सत्संग मनुष्य को जीवन जीने की सीख देते हैं। शिव महापुराण के श्रवण से मनुष्य के भीतर विवेक जागृत होता है और उसे सही-गलत का बोध होता है। उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य के भीतर विवेक जागृत नहीं होता, तब तक परमात्मा की प्राप्ति संभव नहीं है। शिव महापुराण और भगवान शिव की भक्ति मनुष्य को आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है।

सुबह 9 बजे शुरू होगी कांवड़ यात्रा

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि हर साल की तरह इस वर्ष भी 25 अगस्त को सुबह 9 बजे अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। सीवन नदी के तट से शुरू होकर यात्रा करीब 11 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए कुबेरेश्वरधाम पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि यात्रा के मार्ग में बड़ी संख्या में सेवादार श्रद्धालुओं की सेवा में जुटेंगे। समिति और प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से पार्किंग, यातायात, चिकित्सा तथा अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 25 अगस्त की कांवड़ यात्रा को लेकर शहर से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक श्रद्धा और उत्साह का माहौल बनता जा रहा है।


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