सीहोर, 06 अगस्त, 2026 कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा संचालित नल-जल एवं समूह जलप्रदाय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के किसी भी नागरिक को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े तथा पेयजल संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए।
कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने कार्यों में अनावश्यक देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पीएचई विभाग के अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन बिछाने सहित अन्य आवश्यक कार्यों को बिना उचित कारण लंबित रखना ठीक नहीं है। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई के बाद उन्हें ऐसे ही न छोड़ा जाए, बल्कि तत्काल मरम्मत कराई जाए। उन्होंने कहा कि सड़कें खराब होने से आमजन को परेशानी होती है और दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ती है। ऐसी लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जिले के 1024 ग्रामों के लिए संचालित नल-जल योजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत जानकारी के अनुसार 332 स्वीकृत एकल नल-जल योजनाओं में से 321 योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 11 योजनाएं प्रगतिरत हैं। माह अगस्त 2026 में सीहोर एवं आष्टा विकासखण्ड की 10 प्रगतिरत एकल नल-जल योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार इन योजनाओं का कार्य समयसीमा में पूर्ण कर ग्रामीणों को शीघ्र पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा संचालित समूह जलप्रदाय योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि मरदानपुर समूह जलप्रदाय योजना के अंतर्गत 160 ग्रामों में योजना का कार्य 100 प्रतिशत पूर्ण है तथा जलप्रदाय प्रारंभ हो चुका है। वहीं आष्टा-रानीपुरा समूह जलप्रदाय योजना में सम्मिलित 719 ग्रामों में योजना की समग्र भौतिक प्रगति 76.01 प्रतिशत है। योजना के अंतर्गत 593.36 किलोमीटर क्लियर वॉटर पंपिंग मेन, 682.19 किलोमीटर क्लियर वॉटर ग्रेविटी मेन तथा 1599.64 किलोमीटर जल वितरण नलिकाओं का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। साथ ही 20 हजार 372 घरेलू नल कनेक्शन का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा 103.01 किलोमीटर रोड रेस्टोरेशन का कार्य भी पूरा किया गया है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में नियमित एवं निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी योजनाओं की सतत निगरानी की जाए। अधिकारी जलशोधन संयंत्रों एवं अन्य महत्वपूर्ण जल संरचनाओं का नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि आमजन को शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो। उन्होंने जल कर की वसूली समय पर सुनिश्चित करने तथा बकाया जल कर की वसूली के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने वार्षिक जल संग्रहण एवं जल उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा करते हुए जल संरक्षण की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिए कि पेयजल योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो तथा पाइपलाइन क्षति, विद्युत कनेक्शन, टेस्टिंग, ट्रायल रन अथवा अन्य लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। साथ ही जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ग्रामों में नियमित जल परीक्षण, टंकियों एवं वाल्व चेम्बरों की साफ-सफाई और योजनाओं के सुचारू संचालन की सतत मॉनिटरिंग की जाए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव, जल निगम के महाप्रबंधक मोहम्मद जेनुअल, पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री एलपी सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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