सीहोर। गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के अवसर पर मुंगावली स्कूल में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन, दीप प्रज्वलन एवं छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत गुरु वंदना से हुई। इसके पश्चात गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के अंतर्गत "मेरे जीवन में गुरु का महत्व" विषय पर भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। सभी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और रचनात्मकता के साथ सहभागिता की।
विद्यालय के प्राचार्य श्री राजेश कसौटिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन को सही दिशा भी प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर श्री घनश्याम दोग्ने ने विद्यार्थियों को अनुशासन का महत्व बताते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है और यही उज्ज्वल भविष्य का आधार बनता है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं श्रीमती ज्योति त्यागी, श्री जितेंद्र बड़ोदिया, रितेश राठौर, भैरव सिंह शाक्य, मुकेश सिसोदिया, प्रमोद खत्री, पूजा गांधी, सुनीता भदोरिया, अंजू दोग्ने, रेखा विश्वकर्मा, उर्मिला यादव एवं घनश्याम मोहनिया का विशेष सहयोग रहा।
विद्यालय परिवार ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के अंतर्गत आगे भी विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति और व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित करने वाले विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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