जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर निकाली जाएगी भगवान की रथ यात्रा संत पंडित दुर्गाप्रसाद कटारे के मार्गदर्शन में जारी तीन दिवसीय जगदीश महोत्सव का शुभारंभ मानव का जीवन मिला है तो हमें अपने तीन धर्मों का अवश्य ही पालन करना चाहिए-संत पंडित दुर्गाप्रसाद कटारे


सीहोर। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं सुभद्रा जी की भव्य रथ यात्रा का आयोजन 16 जुलाई को किया जाएगा। मंगलवार को शहर के प्राचीन जगदीश मंदिर में मंगलवार को 108 संत पंडित दुर्गाप्रसाद कटारे के मार्गदर्शन में जगन्नाथ पुरी से चलती प्रतिमाओं का विशेष अभिषेक किया गया। इस मौके पर यज्ञाचार्य पंडित दीपक शास्त्री के द्वारा जलाधिवास, पुष्पाधिवास आदि किया गया। वहीं बुधवार को सुबह सात बजे से महाभिषेक और दस बजे से एक बजे तक हवन किया जाएगा। गुरुवार की सुबह भव्य रूप से रथ यात्रा निकाली जाएगी।

 यह ऐतिहासिक एवं धार्मिक रथ यात्रा शहर के प्राचीन जगदीश मंदिर, छावनी से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई संजय टाकीज के पास स्थित स्वर्णकार समाज मंदिर पहुंचेगी। लगातार 66 सालों से परमार क्षत्रिय समाज ट्रस्ट के तत्वाधान में निकाली जाने वाली भव्य यात्रा को लेकर समाजजन ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में उत्साह है। मंगलवार को क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए संत पंडित श्री कटारे ने कहाकि मानव का जीवन मिला है तो हमें अपने तीन धर्मों का अवश्य ही पालन करना चाहिए। धर्म, मानवता और राष्ट्र की रक्षा करना ही मानव के तीन महत्वपूर्ण धर्म हैं। सबसे पहले मानव को अपने धर्म को नहीं भूलना चाहिए। परिवार के साथ मिलकर पूजा-अर्चना करनी चाहिए। दूसरा धर्म मानवता का है। हमें इसे निभाते हुए हर किसी की मदद करनी चाहिए। यह नहीं कि किसी को भी परेशानी में देखने के बाद भी उसे इग्नोर कर आगे बढ़ जाएं। तीसरा धर्म राष्ट्र की रक्षा करने का है।

समाज के वरिष्ठ तुलसीराम पटेल और पूर्व चल समारोह अध्यक्ष सुरेश गब्बर परमार ने बताया कि परमार समाज और क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं के द्वारा निरंतर पूरी की तर्ज पर यात्रा निकाली जाती है। आयोजन समिति ने शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। रथ यात्रा के दौरान पूरा शहर जय जगन्नाथ के जयघोष से गुंजायमान रहेगा और भक्तिभाव का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। इस वर्ष चल समारोह का अध्यक्ष भंवर लाल परमार को बनाया गया है। उनके नेतृत्व में उत्साह के साथ चल समारोह निकाला जाएगा।

इस मौके पर शहर के छावनी स्थित मंदिर पर विशेष पूजा अर्चना की जाएगी और 16 जुलाई को शहर में भव्य यात्रा निकाली जाएगी। नगर भ्रमण पर रथ में बलदाऊ भैया, बहन सुभद्रा के साथ जगतपति जगन्नाथ स्वामी को विराजमान किया जाएगा और उसके बाद शहर के छावनी के विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जाएगा। श्रद्धालुओं के द्वारा रथ को खिचने का इंतजाम किया गया है। भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ तीन रथों पर सवार होते हैं। सुबह मंदिर परिसर में विशेष आरती का आयोजन किया जाएगा और उसके पश्चात रथ यात्रा निकाली जाएगी। रथ यात्रा को लेकर शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह का वातावरण बना हुआ है। आयोजन समिति के अनुसार यात्रा में हजारों की संख्या में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के श्रद्धालु शामिल होंगे। भगवान जगन्नाथ की इस यात्रा को लेकर श्रद्धालु विशेष तैयारियों में जुटे हुए हैं।

रथ यात्रा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली भजन-कीर्तन मंडलियां अपनी मधुर प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बनाएंगी। वहीं आकर्षक बैंड-बाजे, ढोल, डीजे एवं धार्मिक झांकियां यात्रा की शोभा बढ़ाएंगी। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा भगवान जगन्नाथ का स्वागत किया जाएगा तथा पुष्पवर्षा की जाएगी। इस आयोजन की विशेषता यह है कि श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के रथ को अपने हाथों से खींचते हैं। मान्यता है कि भगवान के रथ को खींचने से पुण्य की प्राप्ति होती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के चलते हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथ खींचने के लिए उत्साहपूर्वक शामिल होते हैं। पुरी की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा की तर्ज पर आयोजित होने वाली यह रथ यात्रा सीहोर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है, जिसका श्रद्धालु पूरे वर्ष इंतजार करते हैं।


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