सीहोर। ग्राम सेमरा दांगी के किसान राकेश वर्मा और अशोक वर्मा ने विद्युत वितरण केंद्र खजूरिया कलां एवं विद्युत मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों पर डरा-धमकाकर जबरन कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराने का गंभीर आरोप लगाया है। दोनों किसानों ने शपथपत्र एवं नोटरी के माध्यम से कलेक्टर, एसडीएम, पुलिस अधीक्षक और विद्युत मंडल के अधीक्षण यंत्री को शिकायत सौंपकर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
दोनों किसानों ने बताया कि 18 जून 2026 को ग्राम बड़बेली में हुई विद्युत दुर्घटना के समय वे मौके पर मौजूद नहीं थे। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि किसान सतीश मेवाड़ा करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। आरोप है कि 30 जून 2026 को विद्युत विभाग के अधिकारियों और लाइनमैन ने उन्हें अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर डरा-धमकाकर कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए। किसानों का कहना है कि उन्हें विद्युत चोरी का मामला दर्ज करने और अन्य झूठे प्रकरणों में फंसाने की धमकी दी गई, जिसके भय से उन्हें हस्ताक्षर करने पड़े।
राकेश वर्मा और अशोक वर्मा ने मांग की है कि दबाव में कराए गए हस्ताक्षरों को अमान्य घोषित किया जाए तथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
भारी बारिश में किसानों का प्रदर्शन
मामले की जानकारी मिलते ही किसान एवं समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा के नेतृत्व में दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान भारी बारिश के बीच कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डिप्टी कलेक्टर वंदना राजपूत, एसडीएम जनमय वर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक अभिनंदना शर्मा एवं विद्युत अधीक्षण यंत्री सुश्री पूनम तुमराम को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि 18 जून 2026 को ग्राम बड़बेली निवासी किसान सतीश मेवाड़ा अपने खेत में ट्रैक्टर से कृषि कार्य कर रहे थे। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन, जो लंबे समय से जमीन से लगभग पांच फीट की ऊंचाई पर झूल रही थी, उसकी चपेट में आने से वे गंभीर रूप से झुलस गए। किसानों का आरोप है कि विद्युत विभाग के खंभे लंबे समय से टेढ़े थे और कई बार शिकायत के बावजूद विभाग ने कोई सुधार नहीं किया।
गंभीर हालत में किसान, हाथ काटना पड़ा
हादसे में सतीश मेवाड़ा गंभीर रूप से घायल हुए। उपचार के दौरान चिकित्सकों को उनका एक हाथ काटना पड़ा, जबकि एक पैर भी गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। वर्तमान में भी उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
किसानों का कहना है कि घटना की शिकायत तहसील श्यामपुर और थाना दोराहा में की जा चुकी है, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी किसी भी दोषी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि विद्युत विभाग अपनी लापरवाही छिपाने और झूठे पंचनामे तैयार करने का प्रयास कर रहा है।
किसानों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्रशासन से मांग की कि—
घायल किसान सतीश मेवाड़ा के संपूर्ण इलाज का खर्च विद्युत विभाग वहन करे।
पीडि़त किसान को 25 लाख रुपये का मुआवजा एवं आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
हाथ-पैर से दिव्यांग हो चुके किसान को विद्युत मंडल में सरकारी नौकरी दी जाए।
दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लाइनमैन एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को दंडित किया जाए।
प्रदर्शन में ग्राम बड़बेली, चंदेरी, रातीखेड़ा, अंतिपुरा, महोडिय़ा, छापरी, रामाखेड़ी, बिलकिसगंज, कुलासखुर्द सहित दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान शामिल हुए।
इस दौरान एम.एस. मेवाड़ा, राकेश वर्मा, अशोक वर्मा, रायसिंह मेवाड़ा, ब्रजेश दांगी, नेपाल दांगी, सुनील, जीवन वर्मा, हेमराज सिंह, प्रहलाद सिंह मेवाड़ा, मिठ्ठूलाल मेवाड़ा, हीरालाल, उमराव सिंह, हरनाम सिंह, उधम सिंह ठाकुर, लक्ष्मण सिंह, राजमल, यादव सिंह मेवाड़ा, रामनारायण, मि_ू मेवाड़ा, मनोहर सिंह, सोहन, विनोद, रामचरण मेवाड़ा सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

0 Comments