सीहोर। शहर की जीवनदायिनी सीवन नदी में गेल गैस कंपनी द्वारा पाइपलाइन कार्य के दौरान की गई खुदाई के बाद मलबा और निर्माण सामग्री नहीं हटाए जाने से बारिश के मौसम में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व पार्षद आशीष गहलोत ने कंपनी के जिम्मेदारों को तीन दिन का अल्टीमेट देते हुए तत्काल मलबा हटाने और अधूरे कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इनका कहना है कि पूरी गर्मी भर कंपनी को नदी में खुदाई की याद नहीं आई जब बारिश के मौसम शुरू हुआ तब नागरिकों के विरोध के बावजूद भी नदी में खुदाई की गई और अब एक स्थाई बांध जैसी स्थिति नदी में पड़े हुए पत्थरों के कारण बन गई है जिन्हें तत्काल हटाना आवश्यक है। खुदाई का मलबा जमा होने के कारण गंगाश्रम, बढियाखेड़ी सहित आस-पास की निचली बस्तियों में सीवन का पानी तबाही सकता है।
क्षेत्र के ईश्वर सिंह ठाकुर, मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि नदी के भीतर और आसपास खुदाई के बाद बड़ी मात्रा में मिट्टी एवं मलबा जमा है, जिससे पानी के प्राकृतिक बहाव में बाधा उत्पन्न होने की आशंका है। यदि आगामी दिनों में तेज बारिश होती है तो नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ पानी का प्रवाह प्रभावित हो सकता है और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित कंपनी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि तीन दिन के भीतर नदी से मलबा हटाकर स्थल को पूर्व स्थिति में लाया जाए, अन्यथा जन आंदोनल किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सीवन नदी शहर की प्रमुख जलधारा है और हर वर्ष बारिश के समय इसका जलस्तर बढ़ता है। ऐसे में नदी के बीच मलबा जमा रहने से खतरा और बढ़ सकता है। लोगों ने प्रशासन से समय रहते प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहाकि शीघ्र ही इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो श्री गहलोत के साथ क्षेत्रवासी जन आंदोलन करेंगे।


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