सीहोर | वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा विश्वविद्यालय के सभागार में भजन संगीत का अनूठा आयोजन निर्वाण - आत्मा के एक धुन किया गया | भजन संध्या में उपजे रूहानी संगीत ने न केवल छात्रों की मानसिक थकान को दूर किया अपितु पूरे विश्वविद्यालय परिसर को एक बेहद सकारात्मक, आनंदमयी और शांतिपूर्ण ऊर्जा से भर दिया।
किसने ने किया शुभारम्भ
इस भजन संगीत समारोह का शुभारम्भ वाइस चांसलर डॉ सतीश कुमार मोढ़, प्रो-वाइस चांसलर डॉ टी.बी. श्रीधरन, डायरेक्टर ऑपरेशंस डॉ एस. प्रभाकर ने दीप प्रज्जवलन कर किया | इस अवसर पर विश्वविद्यालय की वरिष्ठ फैकल्टी और छात्र छात्राएं उपस्थित रहे | दरअसल यह संगीत छात्रों द्वारा विशेष प्रयासों से तैयार किया एक ऐसा अनूठा और यादगार आयोजन था जिसमें उल्लास और ऊर्जा के साथ-साथ पारंपरिक भजनों की रूहानी प्रस्तुति की गई |
रूहानी संगीत के पाश में उपस्थित जनसमुदाय
संगीत समारोह निर्वाण के अंतर्गत प्रस्तुत भजन और रूहानी संगीत के पाश में उपस्थित जनसमुदाय ऐसा बंधा की हर कोई आत्मा से पुलकित नजर आ रहा था | इस खास संगीत समारोह में श्री राम के मधुर भजन, श्री हनुमान चालीसा और महादेव के ओजस्वी भजनों ने ऐसा समां बांधा कि हर कोई मंत्रमुग्ध रह गया।
प्रस्तुति की थीम
संगीत समारोह निर्वाण का मुख्य उद्देश्य मॉडर्न क्लबिंग की रोमांचक बीट्स और पारंपरिक भजनों की आध्यात्मिक शांति का एक अद्भुत संगम प्रस्तुत करना था। रोजमर्रा की भागदौड़ और भारी शैक्षणिक तनाव के बीच छात्रों ने भक्ति रस में डूबकर झूमते हुए अपनी मानसिक थकान और तनाव को दूर किया। इस कार्यक्रम से यह पता चला कि आध्यात्मिकता को नए, रोमांचक और रचनात्मक तरीकों से युवाओं तक पहुंचाया जा सकता है, जिससे उनके मानसिक स्वास्थ्य, आंतरिक शांति और एकाग्रता में अभूतपूर्व सुधार हो सके। 'निर्वाण' ने न सिर्फ छात्रों की मानसिक थकान को दूर किया, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय परिसर को एक बेहद सकारात्मक, आनंदमयी और शांतिपूर्ण ऊर्जा से भर दिया। यह संगीत आयोजन एक यादगार और सुकून भरा अनुभव जरुर बन गया है।
इस कार्यक्रम की समस्त गतिविधियाँ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विनोद भट्ट, डॉ. देवव्रत गुप्ता, डॉ. गीतांजली गिरि एवं सुश्री दीप्ति भोजवानी के0 मार्गदर्शन में हुईं।


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