सीहोर। आगामी सावन माह में सीवन नदी तट से निकलने वाली कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं में सीवन पुत्र टीम सक्रिय योगदान देगी। टीम द्वारा महिला घाट सहित विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता और व्यवस्थापन के लिए विशेष सेवाएं दी जाएंगी।
सीवन पुत्र प्रदीप चावड़ा ने बताया कि सीवन अभियान पिछले 124 दिनों से लगातार चल रहा है और इसका उद्देश्य नदी के मूल स्वरूप की रक्षा तथा पूर्ण पुनरुद्धार है। अभियान के तहत नदी संरक्षण एवं स्वच्छता को लेकर लगातार जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान अब राष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है और देश की विभिन्न नदियों के नाम पर सीवन पुत्र एवं सीवन पुत्री बनाकर लोगों को नदी संरक्षण से जोड़ा जा रहा है, ताकि नदियों में किसी प्रकार की गंदगी न फैले।
उन्होंने बताया कि सावन माह में महिला घाट छावनी से प्रारंभ होकर कुबेरेश्वर धाम तक भव्य कांवड़ यात्रा निकलेगी। इस दौरान मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सीहोर पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महिला घाट पर सीवन प्रहरियों की पूर्व से ही नियुक्ति की गई है।
अभियान के अंतर्गत सीवन तटों पर पूजन एवं विसर्जन सामग्री पात्र भी रखे जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालु पूजन सामग्री नदी में न डालकर निर्धारित पात्रों में ही विसर्जित करें।
इस सेवा कार्य में सीवन पुत्र प्रदीप साबू, ब्रजेश पाराशर, मुकेश राय, प्रकाश यादव, कैलाश चव्हाण, वैभव राठौर, राधेश्याम मकवाना, राहुल राय, कनीराम मालवीय, लक्ष्मण चौकसे, जगदीश वर्मा, संतोष मेवाड़ा, राजकुमार सोनी, सुरेश भगत, उमेश चावड़ा, रवि माहेश्वरी, राहुल माहेश्वरी, राजेश शर्मा, सतीश सीठा, मांगीलाल मालवीय, विल्सन जैन, अशोक नामदेव, योगेंद्र राय, सुनील मालवीय, जितेंद्र कौशल, मनोहर राय, जगदीश गोयल, अथर्व चावड़ा, नितिन मालवीय सहित अनेक स्वयंसेवक एवं सीवन पुत्रियां सक्रिय रूप से सहयोग कर रही हैं।
सीवन पुत्र टीम ने नगरवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखें और नदी संरक्षण के इस अभियान में सहभागी बनें।

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