गौ सेवा, नशा मुक्ति और राष्ट्र जागरण का होगा अनोखा संगम गुरु पूर्णिमा अमृत महोत्सव पर सेवा, संस्कार और सुरक्षा का भव्य आयोजन


सेवा, सुरक्षा और संस्कार की त्रिवेणी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके श्रीराम गौशाला गोतीर्थ क्षेत्र, श्री माधव महाकाल आरोग्य आश्रम एवं श्री केदारनाथ महादेव मंदिर परिसर, सेकड़ा खेड़ी रोड, सीहोर में आज एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आगामी 29 जुलाई 2026, बुधवार को आयोजित होने वाले गुरु पूर्णिमा अमृत महोत्सव की तैयारियों एवं रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।


यह बैठक मंदिर जीर्णोद्धारक, धर्मरक्षक संत पंडित दुर्गा प्रसाद जी कटारे बाबा के पावन आशीर्वाद तथा कथा व्यास, परम गौभक्त, गौसेवक एवं क्रांतिकारी राष्ट्रीय संत पंडित मोहित राम जी पाठक के सान्निध्य में संपन्न हुई। बैठक में आश्रम समिति, गौसेवकों, समाजसेवियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर महोत्सव को भव्य, दिव्य एवं जनजागरण से ओत-प्रोत बनाने का संकल्प लिया।


बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष का गुरु पूर्णिमा अमृत महोत्सव केवल पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले अनेक जनहितकारी अभियानों का भी केंद्र बनेगा। महोत्सव का मुख्य उद्देश्य गुरु परंपरा के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना, गौ संरक्षण एवं गौ सेवा के प्रति समाज को जागरूक करना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करना तथा समाज को नशा, अपराध और सामाजिक कुरीतियों से मुक्त बनाने का संदेश देना रहेगा।


महोत्सव के दौरान अनेक विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें गौ सेवा महाअभियान, नशा मुक्ति जनजागरूकता अभियान, युवा प्रेरणा मंच, वृक्षारोपण महाअभियान, बहन-बेटियों की सुरक्षा एवं सम्मान हेतु सुरक्षा संकल्प अभियान, सनातन संस्कृति संरक्षण अभियान, राष्ट्र जागरण संदेश, वैदिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, संत प्रवचन तथा भव्य महाआरती प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे।


बैठक में उपस्थित संतों एवं समाजसेवियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि "गुरु पूर्णिमा केवल गुरु पूजन का पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, संस्कार निर्माण, सामाजिक समरसता और राष्ट्र सेवा का महान अवसर है। यदि समाज सेवा, गौ सेवा, पर्यावरण संरक्षण और नशा मुक्ति जैसे संकल्पों को जन-आंदोलन का रूप दिया जाए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सशक्त, संस्कारित और सुरक्षित भारत का निर्माण संभव है।"


बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि महोत्सव के माध्यम से युवाओं को राष्ट्रभक्ति, सेवा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए विशेष प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही गौ माता के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक लोगों को गौ सेवा से जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा।


आश्रम परिवार ने जिले सहित प्रदेशभर के श्रद्धालुओं, गौभक्तों, युवाओं, मातृशक्ति, सामाजिक संगठनों एवं सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से विनम्र आह्वान किया है कि वे 29 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाले गुरु पूर्णिमा अमृत महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर "सेवा, संस्कार और सुरक्षा" के इस महाअभियान को सफल बनाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।



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