बड़ोदिया में सम्पन्न हुआ "घर-घर यज्ञ" अभियान का 21वां वैदिक यज्ञ जिला सीहोर की ओर से शाजापुर जिले के ग्राम बड़ोदिया में गूंजे वैदिक मंत्र




सीहोर।  पर्यावरण शुद्धि एवं वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार के संकल्प के साथ आर्य समाज महाराणा प्रताप कॉलोनी गंज सीहोर, आर्य वीर दल एवं मध्य भारतीय आर्य प्रतिनिधि सभा के संयुक्त तत्वावधान में सीहोर जिले में "घर-घर यज्ञ हर-घर यज्ञ" अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है।

यह अभियान मध्य भारतीय आर्य प्रतिनिधि सभा के यशस्वी प्रधान श्रीमान प्रकाश जी आर्य एवं यशस्वी महामंत्री श्रीमान अतुल वर्मा जी के मार्गदर्शन में चल रहा है।

अभियान का संकल्प

अभियान के अंतर्गत जिले में 251 परिवारों में वैदिक यज्ञ, 51 विद्यालयों में आत्मरक्षा एवं योग प्रशिक्षण शिविर तथा 125 ग्रामों में आर्य वीर दल की नवीन शाखाएं स्थापित करने का दृढ़ संकल्प लिया गया है।

21वां यज्ञ - ग्राम बड़ोदिया, जिला शाजापुर

अभियान की कड़ी में सोमवार 14 जुलाई 2026 को अभियान का इक्कीसवां वैदिक यज्ञ जिला सीहोर की ओर से ग्राम बड़ोदिया, जिला शाजापुर में सम्पन्न हुआ।

समय: प्रातः 8:00 बजे से 11:00 बजे तक  

स्थान: बड़ोदिया में रामेश्वर जी आर्य के निज निवास पर

यज्ञ के मुख्य यजमान मदन लाल जी मंडलोई, ग्राम पोलाई कला, शाजापुर सपत्नीक यज्ञ में सम्मिलित हुए। यज्ञ का संपादन यज्ञ के ब्रह्मा पंडित दिलीप जी आर्य एवं पंडित हरिओम जी सरल ने कराया।

उपस्थित सदस्य आचार्य विजय राठौड़ सीहोर

कार्यक्रम में युवाओं के प्रेरणा स्रोत आर्य भरत जी मुकाती, आचार्य हेमराज जी आर्य, जीवनदानी वरिष्ठ समाज सेवी बाबूलाल जी सोनी, रामेश्वर जी मंडलोई, सीताराम जी चौधरी, रामचन्द्र जी मास्टर, मांगीलाल जी आर्य, रमेश चन्द्र आर्य, अनिल जांगिड़, शिवनारायण आर्य, रतन जायसवाल, शुभम जी आर्य, मांगीलाल आर्य, मयंक प्रजापति, महेश जी राठौड़, राजेश्वरी आर्या, रामचरण वर्मा, लखन लाल बड़ोदिया, महेश आर्य, प्रेम नारायण, रामचन्द्रा जी आर्य, प्रदीप अजनोदिया मुकाती, आशीष आर्य, माधव आर्य, अनंत राय, गौतम जांगिड़, सीताराम वर्मा, जीवन सिंह, राजेंद्र जामलिया, पवन जाबरिया, देवराज उपाध्याय आदि उपस्थित हुए।

सभा की ओर से प्रचारक एवं सुमधुर भजनोपदेशक पंडित हरिओम जी सरल एवं पंडित दिलीप जी आर्य का इन कार्यक्रमों में विशेष सहयोग मिल रहा है।

बौद्धिक एवं भजन

यज्ञ के पश्चात सभी ने सुमधुर भजनों का आनंद लिया। इसके बाद बौद्धिक सत्र में निम्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया:

1. श्राद्ध किसे कहते हैं

2. तर्पण क्या है

3. पांच महायज्ञ कौन-कौन से हैं

4. हवन करने से क्या लाभ है

5. संध्या क्यों करनी चाहिए

6. पाखंड क्या है, पाखंड को कैसे दूर करें

7. हमारे मंदिरों पर किन्होंने हमला किया

8. स्वर्ग क्या है, नरक क्या है

9. श्रेष्ठ कैसे बनें, परमात्मा को पाने के लिए क्या आवश्यक है

10. जीवन का मुख्य उद्देश्य क्या है

इन विषयों पर पंडित दिलीप जी आर्य, पंडित हरि ओम जी सरल, आचार्य विजय राठौर, आर्य बाबू लाल जी सोनी आर्य भरत जी मुकाती, आचार्य हेमराज जी आर्य ने अपने विचार रखे।

आह्वान

समाज के सभी वर्गों से अपील की गई कि वे इस पुण्य कार्य में तन-मन-धन से सहयोग कर "घर-घर यज्ञ हर-घर यज्ञ" अभियान को सफल बनाएं।


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