अधिग्रहण पर किसानों को दी जाए बाजार मूल्य से जमीन की चार गुणा मुआवजा राशि भूमि बंदोबस्त में अनेक त्रुटियां, कई किसानो की जमीनों के बदल दिए गए खसरा नंबर पंद्रह सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन


सीहोर। पंद्रह सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नाम कलेक्ट्रेट में ज्ञापन दिया। भूमि अधिग्रहण पर किसानों को बाजार मूल्य से जमीन की चार गुणा मुआवजा राशि देने और भूमि बंदोबस्त में अनेक त्रुटियां को सुधार ने एवं कई किसानो की जमीनों के बदले खसरा नंबर दुरूस्त करने की प्रमुख मांग रखी गई। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ जिलाध्यक्ष कचरू परमार के नेतृत्व में किसानों ने सरकार की किसान विरोधी नीतियों से दुखी होकर नारेबाजी कर आक्रोश प्रकट किया। ज्ञापन का वाचन प्रांतीय मंत्री विक्रम सिंह पटेल ने किया।


राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने कहा कि खरीफ 2025 में किसानो की सोयाबीन, मक्का, उड़द, अरबर आदि फसलें खराब हो गई थी, जिसकी राहत राशि सरकार द्वारा किसानों को दी गई थी। ऋणी किसानों ने बैंको के माध्यम से एवं सहकारी समितियों के माध्यम से बीमा प्रमीयम राशि का भुगतान किया था। एक वर्ष होने वाला है लेकिन अबतक किसानो को बीमा राशि का भुगतान नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के टोल, फी नं. 14447 पर शिकायत करने वाले किसानों की तुरंत जाँच नहीं की जा रही है। भूमि अंधिकरण कानून में मुआवजा राशि दो गुणा से बढाकर चार गुणा की गई है परंतु कई क्षेत्रों में इसे अभी तक लागु नही किया गया है। रासायनिक उर्वरक युरिया, डी.ए.पी की आनलाईन ई. टोकन व्यवस्था में हो रही परेशानी साईड़ न चलना गिरदावरी न होना जैसे कई परेशानिया से किसान परेशान है। वित्त वर्ष 2018-19 की बकाया राहत राशि जो पृथक-पृथक जिलो में 33 से 66 प्रतिशत बकाया है, उसका भुगतान नहीं किया गया है।


कृषि उपयोग के लिए डीजल खरीदी में नये आदेश में कैंन में या डम में डीजल देने पर रोक लगायी गई है। जिस कारण किसान परेशानी हो रही है। नरवाई जलाने पर प्रकरण सैटेलाईट, सर्वे के आधार पर जुर्माना लगाया बंद किया जा रहा है। जिला सहकारी बैंको के कृषि कर्ज की अंतिम तिथि गेहूँ, ऊर्पाजन की अंतिम तिथि से दो माह आगे बढाई जानी चाहिए। सरकार की गलत नीति के कारण डिफाल्टर हुये किसानो को रेगुलर किया जाए। प्राकृतिक आपदा आगजनी में पीडि़त किसानो को कण्डि़क 6/4 के अंतर्गत राहत राशि प्रदान नही की जा रही है। संपूर्ण कृषि उत्पादन का विक्रय मंडीयों में एम.एस.पी. से कम पर खरीदी ना हो। किसानों को आई.डी अंतर्गत उर्वरक खाद्य वितरण की प्रति हेक्टेयर मात्रा तय की गई है। विद्युत उपभोक्ता किसानो के कृषि पम्प चार एवं पाँच हॉर्स पॉवर से बढाकर नो एवं दस हॉर्स पावर नहीं किया जा रहा है। कनेक्शन पाँच हॉर्स पॉवर के किये जायें एवं ओवर लोड ट्रांसफार्मरो की क्षमता वृद्धि नही की जा रही है। टूटे पोल, झूलते तार को ठीक नही किया जा रहा है। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने सभी समस्याओं का निराकरण कराने की मांग सरकार से की है।


प्रदर्शन में लालसिंह बागवान,कन्हैया लाल ईटावदिया, यशवंत सिंह मेवाड़ा,राजमल, धरमसिंह बेसानिया, लक्ष्मी नारायण वर्मा, राजमल परमार,देवकरण परमार, बाबूलाल पटेल,राजेन्द गोर,देवकरण मेवाड़ा, सुखराम विश्वकर्मा, विष्णु जलोदिया, बाबूलाल पटेल,सूरज सिंह वर्मा,नारायण सिंह ठाकुर,कैलाश ठाकुर, रमेशचंद सगवालिया,नाथूलाल वर्मा,अरविंद ठाकुर,कैलाशचंद्र वर्मा, हमीर सिंह पटेल,अशोक पाटीदार,शिवनारायण वर्मा, मांगीलाल मेवाड़ा, पुरुषोत्तम डाबरी,रामचरण मेवाड़ा, राधेश्याम वर्मा, ताराचंद, सुनील वर्मा, मांगीलाल वर्मा, महेन्द्र वर्मा, प्रताप सिंह, देवनारायण, बाबूलाल वर्मा, देवकरण काकाजी, मांगीलाल वर्मा, श्रीप्रसाद वर्मा आदि शामिल रहे। 


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