सीहोर। मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत लगभग 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। 'संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, मप्रÓ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का तत्काल निराकरण नहीं हुआ, तो आगामी 11 जून को प्रदेशभर के सभी 32 हजार कर्मचारी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। शहर के बस स्टैंड के समीपस्थ टाउन हाल स्थित धरना स्थल पर भीषण गर्मी में अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे है। इनकी मांगों को समर्थन देने के लिए संस्कार मंच के प्रभारी मनोज दीक्षित मामा सहित अन्य पहुंचे। श्री दीक्षित ने कहाकि पिछले कई वर्षों से सैकड़ों की संख्या में ऐसे कर्मचारी है जो स्वास्थ्य विभाग में पूरी निष्ठा के साथ सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर उनके हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि एक वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उनकी मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों की मांग को जायज बताते हुये अपना समर्थन दिया और सरकार से जल्द से जल्द संविदा कर्मियों की मांगे पूरी करने की मांग की।
कर्मचारियों ने सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक माह पूर्व से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया था। शुरुआत में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया और मंत्रियों व अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए। मांगें पूरी न होने पर 2 जून से सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण और मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि गलत वेतन निर्धारण को सुधार कर वेतन विसंगति दूर की जाए। वे नियमित कर्मचारियों की भांति समान कार्य के लिए समान वेतन, एनपीएस, महंगाई भत्ता और स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को पीबीआई प्रदान करने की मांग भी की गई है। कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक समान वेतन लागू नहीं होता, तब तक सार्थक ऐप से हाजिरी लगाने की व्यवस्था बंद की जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।

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