13 जून को शिवभक्ति का महासागर उमड़ेगा, भक्ति की ऐसी शाम, जब हर घर बनेगा शिवालय अधिकमास पर किया जाएगा रात्रि सात बजे घर बैठे करें पार्थिव शिवलिंग अभिषेक


सीहोर। पुरुषोत्तम मास की पावन शिवरात्रि इस वर्ष एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक पर्व का साक्षी बनने जा रही है। 13 जून की संध्या केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं होगी, बल्कि करोड़ों हृदयों को शिवभक्ति के सूत्र में पिरोने वाला एक दिव्य क्षण बनेगी। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) के सान्निध्य में कुबेरेश्वर धाम से आयोजित ऑनलाइन शिव महारुद्राभिषेक महोत्सव के माध्यम से देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु एक साथ भगवान भोलेनाथ की आराधना करेंगे। जब एक ही समय पर लाखों हाथ अभिषेक करेंगे और लाखों कंठों से भगवान शिव के मंत्रों का उच्चारण होगा, तब वातावरण शिवमय हो उठेगा। अंतर्राष्ट्रीय वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा उत्तरप्रदेश के बलिया में आयोजित की जाएगी। कथा के समापन के पश्चात रात्रि को देश और विदेश में एक साथ ऐतिहासिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। वहीं जिला मुख्यालय के समीपस्थ कुबेरेश्वरधाम पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के द्वारा विशेष पूजा अर्चना की जा रही है। शनिवार को छह क्विंटल से अधिक मिठाई का वितरण किया गया। विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य ने यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया।

पंडित मिश्रा का कहना है कि इस महाआयोजन का मूल संदेश है घर-घर शिवलिंग, हर घर शिवलिंग। यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति को प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने का विराट अभियान बन चुका है। श्रद्धालु अपने घरों में शिवलिंग स्थापित कर विधि-विधान से भगवान शिव का अभिषेक करेंगे। इस अनूठे प्रयास ने लाखों परिवारों को एक साथ जोड़ दिया है, जहां घर मंदिर बनेंगे और परिवार भक्ति का केंद्र बनेगा। आयोजन का सीधा प्रसारण आस्था चैनल, यूट्यूब और फेसबुक पर किया जाएगा। तकनीक और अध्यात्म के इस अद्भुत संगम से दूर-दराज के गांवों, शहरों और विदेशों में रहने वाले भक्त भी अपने घरों में बैठकर इस पुण्य अवसर का हिस्सा बन सकेंगे। यह आयोजन भौगोलिक सीमाओं को तोड़ते हुए विश्वभर में शिवभक्ति की नई चेतना का संचार करेगा।

श्रद्धालुओं से पहले से शिवलिंग स्थापित करने और पूजन सामग्री तैयार रखने का आग्रह किया गया है। महारुद्राभिषेक के लिए शमीपत्र, बेलपत्र, 11 साबुत चावल के दाने, कनेर का पुष्प तथा गुड़ या शक्कर मिश्रित कच्चा दूध रखने की सलाह दी गई है। इसके अलावा दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, चंदन, इत्र, सुपारी, रोली, चावल, मोली, कपूर, दीपक, धूप, फल, मिठाई और पुष्प आदि सामग्री भी अभिषेक में उपयोग की जाएगी।

करोड़ों लोगों के जीवन में जगाई शिवभक्ति की अलख

मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि पंडित प्रदीप मिश्रा वर्षों से सनातन संस्कृति, धार्मिक मूल्यों और शिवभक्ति के प्रचार-प्रसार में निरंतर जुटे हुए हैं। उनकी कथाओं और धार्मिक आयोजनों ने करोड़ों लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की है। यही कारण है कि उनके प्रत्येक आयोजन में श्रद्धा, विश्वास और भावनाओं का अद्भुत संगम दिखाई देता है। लाखों भक्त उन्हें केवल कथावाचक नहीं, बल्कि जीवन को धर्म और संस्कारों से जोड़ने वाली प्रेरणा के रूप में देखते हैं।

पुरुषोत्तम मास शिवरात्रि का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषोत्तम मास की शिवरात्रि अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। इस दिन भगवान शिव की पूजा, अभिषेक और आराधना करने से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई शिव उपासना भक्तों के कष्टों को दूर कर उन्हें आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रदान करती है।

जब लाखों घरों में बरसेगी महादेव की कृपा

आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे स्वयं इस महाअभिषेक से जुड़ें और अपने परिवार, मित्रों तथा शुभचिंतकों को भी इस पुण्य अवसर का सहभागी बनाएं। 13 जून की यह शाम केवल एक तिथि नहीं होगी, बल्कि वह क्षण होगा जब देश-विदेश में बसे लाखों भक्त एक साथ महादेव के चरणों में समर्पित होंगे। हर घर में दीप जलेगा, हर आंगन में शिव नाम गूंजेगा और हर हृदय में भक्ति की ऐसी ज्योति प्रज्वलित होगी, जो जीवन को नई दिशा देगी। जब लाखों हाथ अभिषेक करेंगे और लाखों कंठ 'हर-हर महादेवÓ का उद्घोष करेंगे, तब ऐसा प्रतीत होगा मानो स्वयं कैलाश की दिव्य अनुभूति धरती पर उतर आई हो।


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