सीहोर, 26 जून 2026 ग्रामीण नल जल योजनाओं के संचालन, संधारण एवं प्रबंधन के लिए राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के तहत जल समितियां गठित की जाएगी। ग्राम पंचायतों में जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और योजनाओं के सुचारू संचालन के उद्देश्य से इन समितियों का गठन किया जाएगा।
नियमों के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सभा की अनुशंसा एवं पंचायत की स्वीकृति के आधार पर जल समिति का गठन किया जाएगा। पेसा अधिनियम, 1996 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की अनुशंसा के आधार पर समिति गठित होगी। यदि किसी ग्राम पंचायत में पूर्व से नल जल योजना के संचालन एवं संधारण के लिए कोई समिति गठित है, तो उसका पुनर्गठन नए नियमों के अनुसार किया जाएगा। समिति गठन का आदेश पंचायत सचिव द्वारा जारी किया जाएगा।
जल समिति में सरपंच पदेन अध्यक्ष होंगे, जबकि पंचायत सचिव समिति के पदेन सचिव रहेंगे। ग्राम रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ता समिति के पदेन सदस्य होंगे। समिति में नामांकित सदस्यों की संख्या अधिकतम 20 होगी। ग्राम पंचायत के प्रत्येक वार्ड से एक व्यक्ति को समिति में सदस्य बनाया जाएगा, जो संबंधित उपभोक्ता परिवार से होना आवश्यक होगा। समिति में ग्राम पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों की भागीदारी 25 प्रतिशत रहेगी।
जल समिति में महिलाओं को न्यूनतम 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिनिधियों का चयन ग्राम पंचायत की जनसंख्या के अनुपात में किया जाएगा। लगातार तीन बैठकों में बिना उचित कारण एवं सूचना के अनुपस्थित रहने वाले सदस्य की सदस्यता समाप्त की जा सकेगी। ऐसे सदस्य के स्थान पर नियमानुसार नए सदस्य के नामांकन की अनुशंसा ग्राम पंचायत को की जाएगी। जल समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल योजनाओं की निगरानी, संचालन और संधारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, जिससे ग्रामीणों को नियमित एवं बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
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