सीहोर। म.प्रदेश योग आयोग (म.प्र.शासन) के अध्यक्ष डॉ. राघवेन्द्र शर्मा के प्रथम नगर आगमन पर आत्मीय अभिनन्दन किया गया। कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी सीहोर में आयोजित कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी संजय सिंह तोमर, डीपीसी आर.आर.उईके, जिला योग प्रभारी मनोज कुमार व्यास, जिला क्रिड़ा अधिकारी अताउल्लाह खान ने पुष्प गुच्छ भेट कर डॉ.राघवेन्द्र शर्मा का स्वागत किया। जिला शिक्षा अधिकारी संजय सिंह तोमर ने जिले में योग की समस्त गतिविधियों एवं प्रचार-प्रसार कार्यों का प्रतिवेदन का वाचन करते हुए कहा कि आपके आगमन से हम अभिभूत हैं। राघवेन्द्र शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि योग करने का मतलब आसन या प्राणायाम ही नही बल्कि अपने व्यक्तित्व को संवारते हुए समाज में बदलाव करना है। अज्ञानी को प्रकृति माफ कर सकती है, किन्तु ज्ञानी को माफ नही करती है। महाभारत का उदाहरण देते हुए आपने कहा कि धृत्तराष्ट्र को प्रकृति ने अन्धा बनाकर माफ कर दिया, किन्तु ज्ञानी भीष्म को माफ नही किया, क्योंकि भीष्म अन्याय को रोने में सफल नही हुए। व्यक्ति सामर्थवान ज्ञानी होते हुए भी न्याय नही करता तो उसे दण्ड अवश्य मिलता है। अध्यक्ष महोदय ने मुख्यमंत्री योग प्रशिक्षण केन्द्र आवासीय विद्यालय का निरीक्षण कर उसे ओर अधिक उपयोगी बनाने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अंकुर शर्मा, अंशुल शर्मा, दिनेश शर्मा, आरती राठौर, संजय जादौन, सोना पंवार, विकास महाजन, ब्रजेश पाराशर, वर्षा शर्मा, प्रेमलता राठौर, सुनीता सोनी, हेमन्त मालवीय सहित सभी योग शिक्षक एवं कार्यालयीन स्टाफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन माधव यादव व आभार आर.आर.उईके ने व्यक्त किया।

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