सीहोर। जिला मुख्यालय पर शुक्रवार को अंतरर्रांष्ट्रीय बैंकिंग जगत की प्रतिष्ठित शख्सियत और बैंक ऑफ अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट आनंद भाटिया का आगमन हुआ। बस स्टैंड स्थित पीसी लैब में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जिले की मेधावी छात्राओं और गणमान्य नागरिकों से संवाद किया। कार्यक्रम में उनके साथ उनकी धर्मपत्नी रेखा भाटिया भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। शहर पहुँचने पर क्षेत्रीय विधायक सुदेश राय ने भाटिया दंपति का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया और उन्हें जिले की शैक्षणिक व सांस्कृतिक गतिविधियों से अवगत कराया।
26 सालों में बदला भारत के प्रति नजरिया
छात्राओं को संबोधित करते हुए आनंद भाटिया ने अपने विदेशी अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वे 26 साल पहले अमेरिका पहुंचे थे, तब स्थितियां आज जैसी नहीं थीं। उस दौर में वहां के लोग भारतीय भाषाओं, खान-पान और हमारी परंपराओं को हेय दृष्टि से देखते थे और अक्सर चिढ़ते थे।
श्री भाटिया ने गर्व के साथ बताया, 'सुधा ओम ढींगरा और हमने मिलकर इस धारणा को बदलने के लिए निरंतर प्रयास किए। आज परिणाम हमारे सामने है। अब अमेरिका की करीब 40 यूनिवर्सिटी में हिंदी विभाग संचालित हो रहे हैं। इतना ही नहीं, वहां नवरात्र के दौरान होने वाली रामलीला में अब अंग्रेज भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं और पात्र निभाते हैं। यह हमारी संस्कृति की वैश्विक जीत है। '
3500 आवेदनों में से चुनी जाती हैं 400 बेटियां
भारत में ढींगरा फैमिली फाउंडेशन के प्रतिनिधि और वरिष्ठ साहित्यकार पंकज सुबीर ने सीहोर में संचालित निशुल्क शिक्षा कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने एक भावुक पक्ष रखते हुए बताया कि प्रतिवर्ष फाउंडेशन के पास निशुल्क शिक्षा के लिए लगभग 3500 बालिकाओं के आवेदन आते हैं। संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर वर्तमान में केवल 400 छात्राओं का ही चयन हो पाता है, जबकि शेष बालिकाएं मायूस होकर लौट जाती हैं। श्री सुबीर ने संकल्प दोहराते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य भविष्य में इस संख्या को बढ़ाकर कम से कम 1000 छात्राओं तक पहुँचाना है, ताकि कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित न रहे।
आर्थिक मजबूती से आएगा स्वावलंबन
कार्यक्रम में रेखा भाटिया ने फाउंडेशन की संरक्षिका सुधा ओम ढींगरा के विजन को साझा किया। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य देश की अधिक से अधिक बालिकाओं को न केवल शिक्षित करना है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से इतना मजबूत बनाना है कि उन्हें जीवन भर किसी पर आश्रित न रहना पड़े। जब एक बेटी आर्थिक रूप से स्वतंत्र होती है, तो वह पूरे समाज को सशक्त बनाती है।
विदेशों में बढ़ रहा है भारत का दबदबा: सुदेश राय
विधायक सुदेश राय ने अपने संबोधन में कहा कि यह गर्व का विषय है कि हमारे देश की प्रतिभाएं विदेशों में जाकर भारत का मान बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा, 'आज पूरी दुनिया में भारत का दबदबा बढ़ रहा है और इसका श्रेय आनंद भाटिया जैसे कर्मठ लोगों को जाता है, जो सात समंदर पार रहकर भी अपनी मिट्टी और यहां की बेटियों के भविष्य की चिंता कर रहे हैं। '
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान फाउंडेशन की 40 चयनित बालिकाओं के साथ-साथ शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य रूप से अनिल पालीवाल, कैलाश अग्रवाल, उमेश शर्मा, सुनील भालेराव, अशोक राय, हितेंद्र गोस्वामी, राजकुमार राठौर सहित पीसी लैब केंद्र की समस्त बालिकाएं और स्टाफ सदस्य मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने आनंद भाटिया से करियर संबंधी प्रश्न भी पूछे, जिनका उन्होंने सहजता से समाधान किया।

0 Comments