बड़े-बड़े मठाधीश गौरक्षा की बात करते हैं मगर आश्रमों में गए नहीं रखते-मोहितरामजी पाठक



बड़े-बड़े संत महात्मा मठाधीश आज देखने को मिलता है गाय की रक्षा की बात करते हैं बड़े-बड़े मंदिरों में गाय नहीं है गौशाला नहीं नकली घी से भगवान का दीपक लग रहा है सनातन धर्म वैदिक धर्म हमारी संस्कृति संस्कार वेद पुराण शास्त्र गुरु परंपरा और गौ माता भारत माता की रक्षा के गोपालक गाय के रक्षक जैसे कथावाचक की अति आवश्यकता है ऐसे कथावाचक जो धर्म रक्षा राष्ट्र रक्षा गौ माता की सेवा में निरंतर कार्य कर रहे हैं हम सभी बाबाओ को भी इनका साथ देना चाहिए प्रोत्साहित करना चाहिए उक्त उद्गार रामनगर कालोनी ग्राम दोराहा सीहोर में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के दौरान कथा वाचक पंडित मोहितरामजी पाठक ने शिव महापुराण की कथा के विश्राम दिवस शिव महापुराण की महिमा भगवान गणेश रुद्राक्ष बिल वृक्ष पार्थिव शिवलिंग पूजन शिव नेवेध शिव नाम भस्म की महिमा एवं गौ माता की महिमा का वर्णन किया शिवमहा पुराण हिंदू धर्म के 18 प्रमुख महापुराणों में से एक है, जो भगवान शिव और माता पार्वती की महिमा, उनके कल्याणकारी स्वरूप, ज्योतिर्लिंगों और भक्त-वत्सलता का वर्णन करता है। इसमें शिव के अवतारी रूपों, सृष्टि उत्पत्ति, और रुद्राक्ष/भस्म की महिमा का विस्तार से उल्लेख है, जो मोक्ष और सुख प्राप्ति का साधन माना जाता है।

 यज्ञ एवं कथा के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु गण पधारे एवं भंडारा में प्रसाद जी ग्रहण करी आयोजन कर्ता अग्रवाल परिवार पवन जी अग्रवाल एवं समस्त क्षेत्रवासी ग्रामवासी एवं वर्मा परिवार ने पधारे हुए श्रद्धालुओं का बाहर व्यक्त किया


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