सीहोर। शहर के खजांची लाइन स्थित ब्राह्मण समाज धर्मशाला में सर्व ब्राह्मण समाज महिला मंडल के तत्वाधान में जारी सात दिवसीय भागवत कथा के चौथे दिवस कथा वाचक पंडित रविशंकर तिवारी ने राम जन्म, राम चरित्र और कृष्ण जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि जब जब धरती पर अनाचार और अन्याय बढ़ता है, तब तब प्रभु पृथ्वी और सर्वजन हिताय विविध रुप में अवतार लेकर अत्याचारियों का नाश करते हैं। व्यक्ति को अहंकार नहीं करना चाहिए, अहंकार बुद्धि और ज्ञान का हरण कर लेता है। अहंकार ही मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया। श्रीकृष्ण की जन्म कथा का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। जब देवकी गर्भवती हुई, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान की लीला वे स्वयं ही समझ सकते हैं। भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए।
उन्होंने कहाकि भगवान की लीला अपरंपार है। वे अपनी लीलाओं के माध्यम से मनुष्य व देवताओं के धर्मानुसार आचरण करने के लिए प्रेरित करते हैं। भागवत कथा में जीवन का सार तत्व मौजूद है आवश्यकता है निर्मल मन ओर स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण करने की। भागवत श्रवण से मनुष्य को परमानन्द की प्राप्ति होती है। भागवत श्रवण प्रेतयोनि से मुक्ति मिलती है। चित्त की स्थिरता के साथ ही श्रीमदभागवत कथा सुननी चाहिए। भागवत श्रवण मनुष्य के संपूर्ण कलेश को दूर कर भक्ति की ओर अग्रसर करती है।
कथा वाचक पंडित श्री तिवारी ने भक्तों से कहा कि सभी धर्मों में अच्छी बातें कही गई हैं। लोग किसी व्यक्ति की बात सुने या ना सुने लेकिन सभी धर्म के संदेशों को जीवन में अवश्य अपनाना चाहिए। समाज में सुधार के लिए बच्चों एवं बुजुर्गों को कथा का श्रवण करना चाहिए। क्योंकि श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने वाले भक्तों को भगवान के प्रति भावना और ज्यादा बढ़ जाती है और उसकी भगवान जरूर सुनता है। जिससे उसके सारे काम बनते चले जाते हैं। जीवन मंत्र और रघुकुल के संस्कारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन में हमेशा लिखे हुए कागज की तरह ही बनो, क्योंकि लिखा हुआ कागज मूल्यवान होता हैं। अपने जीवन की किताब में अनमोल शब्द लिखने का प्रयास करो ताकि आपकी हमेशा कद्र होती रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें भगवान के नाम का जाप करते रहना चाहिए, क्योंकि भगवान का नाम और उनके गुण दोनों ही सुंदर है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सर्व ब्राह्मण समाज महिला मंडल की अध्यक्ष नीलम शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को कथा के दौरान गिरिराज की पूजा अर्चना के साथ छप्पन भोग की झांकी सजाई जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्य यजमान वरुण शर्मा, एक दिवसीय यजमान अध्यक्ष दीपक शर्मा, एक दिवसीय यजमान ओम प्रकाश शर्मा, नरेंद्र एवं श्रीमती रमा तिवारी रही।

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