सीहोर तहसील के 29 गांवों में भूमि की गाइडलाइन दरों में इस वर्ष भारी बढ़ोतरी किए जाने से आम नागरिकों, किसानों एवं भू-स्वामियों में आक्रोश व्याप्त है। सामाजिक कार्यकर्ता हरिश राजपूत ने आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर दावा किया है कि कई गांवों में गाइडलाइन दरों में 80त्न से लेकर 200त्न तक की वृद्धि की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जमोनिया हेम, थूनाखुर्द, चौंडी, रायपुर नयाखेड़ा, थूनाकलां, पचामा, अब्दुल्लापुर, लसूडिय़ा परिहार, बरखेड़ी, तकीपुर, भगवानपुरा, खुशीपुर, अल्हादाखेड़ी, सांगराखेड़ी एवं गुढ़ीखेड़ा सहित कई गांवों में दरों को लगभग दोगुना से अधिक बढ़ा दिया गया है। जबकि जमीनी स्तर पर भूमि का वास्तविक बाजार मूल्य इस वृद्धि के अनुरूप नहीं है।
हरिश राजपूत ने कहा कि गाइडलाइन दरों का निर्धारण ष्ठरुङ्कष्ट (जिला स्तरीय मूल्यांकन समिति) एवं कलेक्टर की निगरानी में होना चाहिए, जिसमें बाजार मूल्य, रजिस्ट्री डेटा एवं क्षेत्रीय विकास को आधार बनाया जाता है। लेकिन वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि जमीनी हकीकत और कुछ ही क्षेत्रों के आधार पर दरें तय की गई हैं।
मुख्य मार्ग एवं अंदरूनी भूमि के बीच भी कई स्थानों पर उचित अंतर नहीं रखा गया, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है और रजिस्ट्री प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
राजपूत ने कहा—
"एसी कमरों में बैठकर निर्णय लेने वाले अधिकारी जमीन की वास्तविक स्थिति नहीं समझ सकते।"
उन्होंने मांग की कि गाइडलाइन दरों की पुन: समीक्षा कर वास्तविक बाजार दरों के अनुरूप संशोधन किया जाए, अन्यथा जनआंदोलन किया जाएगा।
राजपूत की मांग: सीहोर के 29 गांवों में 80त्न से 200त्न तक बढ़ी गाइडलाइन दरों की पुन: समीक्षा हो
सीहोर तहसील के 29 गांवों में वर्ष 2026 हेतु गाइडलाइन दरों में 80त्न से 200त्न तक की असामान्य वृद्धि की गई है, जो पूर्णत: अव्यावहारिक एवं जमीनी वास्तविकताओं के विपरीत है।
गाइडलाइन दर निर्धारण की प्रक्रिया ष्ठरुङ्कष्ट एवं कलेक्टर के माध्यम से वास्तविक बाजार मूल्य, रजिस्ट्री डेटा एवं क्षेत्रीय विकास के आधार पर की जानी चाहिए। किन्तु वर्तमान स्थिति में कई स्थानों पर बिना उचित सर्वेक्षण के अत्यधिक वृद्धि की गई है।
प्रभावित गांवों में — जमोनिया हेम, थूनाखुर्द, चौंडी, रायपुर नयाखेड़ा, थूनाकलां, पचामा, अब्दुल्लापुर, लसूडिय़ा परिहार, बरखेड़ी, तकीपुर, भगवानपुरा, खुशीपुर, अल्हादाखेड़ी, सांगराखेड़ी एवं गुढ़ीखेड़ा प्रमुख रूप से शामिल हैं।
मुख्य समस्याएं:
80त्न–200त्न तक असामान्य वृद्धि
मुख्य मार्ग एवं अंदरूनी भूमि में अंतर समाप्त
रजिस्ट्री प्रक्रिया प्रभावित
आम जनता पर आर्थिक बोझ
मांगें:
1. पुन: जमीनी सर्वे किया जाए
2. गाइडलाइन दरों की समीक्षा कर संशोधन किया जाए
3. पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया सार्वजनिक की जाए
4. वास्तविक बाजार मूल्य के अनुसार दर तय हो

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