भारतीय मजदूर संघ ने आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर दिया ज्ञापन


सीहोर। भारतीय मजूदर संघ के प्रांतीय आव्हान पर मंगलवार को जिला मुख्यालय पर भारतीय मजदूर संघ ने विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन संयुक्त कलेक्टर विरेन्द्र परमार को सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया है कि भारतीय मजदूर संघ प्रदेश के संगठित एवं असंगठित क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत आऊटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण होना कर्मचारी श्रमिक एवं प्रदेश हित में है। भारतीय मजदूर संघ प्रदेश के विभिन्न विभागों, उद्योगों, संस्थाओं में कार्यरत आऊटसोर्स कर्मचारियों की प्रमुख मांग को अतिशीघ्र निराकरण हेतु निवेदन करता है। ज्ञापन में कहा है कि प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों हेतु सरकार स्तर पर ठोस नीति आऊटसोर्स सर्विस सेक्यूरिटी एक्ट, आऊटसोर्स निगम मंडल बनाकर सामाजिक सुरक्षा एवं उचित वेतन सुनिश्चित किया जाए। आऊटसोर्स, ठेका कर्मचारियों से संबंधित श्रम कानूनों का समुचित पालन सुनिश्चित करने एवं कानूनों की पालना न होने पर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। आठ घंटे से अधिक कार्य करने पर अतिरिक्त समय का नियमानुसार भुगतान किया जाए। आऊटसोर्स कर्मचारियों को सीधे विभाग, संस्था से वेतन भुगतान की जा कर बिचौलिया प्रथा बन्द किया जाये। श्रम कानूनों के अनुसार आऊटसोर्स कर्मचारियों का मासिक वेतन प्रत्येक माह की 07 तारीख तक भुगतान किया जाना सुनिश्चित किया जाये। साथ ही वेतन पर्ची प्रदान की जाए। अनुभव के आधार पर वेतन में बढौत्री की जावे एवं अनुभव के आधार संविदा, नियमित भर्ती में नीति बनाकर अवसर प्रदान किए जाए। बिना किसी ठोस कारण एवं जांच के आऊटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की प्रथा पर तत्काल रोक लगाई जाए। शिकायत, आरोप की उच्च स्तरीय जांच के बिना आऊटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त नहीं की जाए। सभी आऊटसोर्स कर्मचारियों को नियमानुसार ईएसआई, ईपीएफ और ईएसआईसी लाभ सुनिश्चित किया जाए। नियमित रूप के कार्यों के विरूद्ध कार्यरत आऊटसोर्स कर्मचारियों को 62 वर्ष की आयु तक सेवा में रहने के प्रावधान किए जाए। समान कार्य के लिए समान वेतन सिद्धांत को लागू किया जाए। आऊटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं समाप्ति आदेश के विरूद्ध अपील हेतु विभाग स्तर पर कमेटी का गठन किया जाए, जिसमें कर्मचारी को सुनवाई के पर्याप्त अवसर किए जाएं। आऊटसोर्स कर्मचारियों का सेवाकाल आधार पर श्रेणी उन्नयन अकुशल से अर्धकुशल अर्धकुशल से कुशल एवं कुशल से उच्चकुशल किया जाए। आऊटसोर्स कर्मचारियों को दुर्घटना बीमा रुपए 20 लाख किया जाए। आऊटसोर्स कर्मचारियों को विभाग रिक्त पदो के विरूद्ध समायोजित, सविलियन करने हेतु ठोस नीति बनाई जाए। कौशल विकास की दृष्टि से प्रतिवर्ष कार्य आधारित कौशल विकास प्रशिक्षण तकनीकी, गैर तकनीकी प्रदान किया जाए एवं प्रमाणिकरण भी किया जाए। आऊटसोर्स कर्मचारियों को सप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित किया जाए।

ज्ञापन देने वालों में वीरसिंह गुर्जर, विनीत दुबे, अनूप चौधरी, रितेश चंदेल, शिवराजसिंह वैस, गौरव यादव, रवि मालवीय, कृष्णा मालवीय, अमन धावरी, जितेन्द्र दवारिया, रितेश पाटीदार, घनश्याम यादव सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे।


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