सीहोर। शहर के कोलीपुरा स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर के तत्वाधान में आगामी 25 अपै्रल को आयोजित होने वाली श्री लक्ष्मीनारायण सवारी महाकुंभ कलश यात्रा को लेकर आगामी दिनों में सिख समाज की ओर से आने वाले निहंग सिंह की व्यवस्था को लेकर ज्ञानी गगनप्रति सिंह ने मंगलवार को मंदिर पहुंचे और इस मौके पर उन्होंने कहाकि सनातन को मजबूत करने के लिए सिख समाज का सदैव समर्पण रहा है। इस मौके पर मुख्य यजमान श्रीमती नमिता अखिलेश राय, संत माधव दास महाराज अधिकारी, कार्यक्रम प्रभारी सन्नी सरदार, यज्ञाचार्य पंडित कुणाल व्यास, संस्कार मंच के संरक्षक मनोज दीक्षित मामा सहित अन्य ने ज्ञानी श्री सिंह का स्वागत सम्मान करते हुए सिख समाज को बैसाखी पर्व की बधाई दी।
उन्होंने कहाकि बैसाखी का दिन हमें गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा अपने परिवार और अनुयायियों के बलिदान को याद करने का संदेश देता है। बैसाखी का दिन हमें गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा अपने परिवार और अनुयायियों के बलिदान को याद करने का संदेश देता है, 1699 को सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने सिखों को एकजुट किया और जात-पात के भेदभाव को मिटाकर पंज प्यारे पांच प्यारे के माध्यम से खालसा को एक नई पहचान दी। यह रबी की फसल के पककर तैयार होने की खुशी में मनाया जाता है। किसान अपनी मेहनत की कमाई को पाकर ईश्वर के प्रति आभार प्रकट करते हैं और समृद्धि की कामना करते हैं। गुरु गोबिंदसिंहजी ने पंथ की स्थापना के समय कुछ नियम भी बनाए थे जो हर गुरु के सिख का फर्ज है कि वो गुरु के बनाए नियमों का पालन करे।
ऐतिहासिक सवारी की तैयारियां तेज
कार्यक्रम प्रभारी सन्नी सरदार ने बताया कि शहर के कोलीपुरा स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर के तत्वाधान में होने वाली आगामी 25 अपै्रल को भव्य श्री लक्ष्मीनारायण सवारी महाकुंभ कलश यात्रा इस बार महाकाल-पुरी की तर्ज पर निकाली जा रही है। समिति के द्वारा घर-घर जानकारी 151 पवित्र नदियों का जल वितरित किया जा रहा है।

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