सीहोर जिले के दर्जनों गांव के किसान व समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा के नेतृत्व में किसान कल्याण दिवस मनाने दिनांक 25 मार्च को भोपाल पहुंचकर डांडिया नाच करते हुए अनोखे तरीके से यह किसान दिवस सीएम हाउस में मनाया जाएगा


सीहोर। जिले के दर्जनों गांवों में एक अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है। किसानों और समाजसेवियों ने मिलकर एक ऐसा निर्णय लिया है, जो न सिर्फ अनोखा है बल्कि परंपरा और सम्मान का अद्भुत संगम भी है। समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में आयोजित बैठक में किसानों ने सर्वसम्मति से तय किया कि 25 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाएगा। इस बैठक में हर गांव के किसानों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया और इसे यादगार बनाने का संकल्प लिया।

डांडिया और ढोल-नगाड़ों के साथ गूंजेगा जश्न

इस बार जन्मदिन सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव के रूप में सामने आएगा। किसानों ने तय किया है कि वे पारंपरिक डांडिया नृत्य के साथ ढोल-नगाड़ों की गूंज में मुख्यमंत्री का जन्मदिन मनाएंगे। कई गांवों में लकड़ी के हल बनवाए जा रहे हैं, तो कहीं विशेष रूप से डांडिया तैयार करवाई जा रही है। रंग-बिरंगे बैनर और सजावट के साथ पूरा माहौल उत्सवमय होगा। यह आयोजन ग्रामीण संस्कृति को जीवित रखने का भी संदेश देगा।

महाकाल की कृपा और किसानों की आस्था

समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा व किसानों का मानना है कि उज्जैन के महाकाल बाबा शिव भोले की कृपा से उन्हें एक ऐसा नेतृत्व मिला है, जो उनकी समस्याओं को समझता है। किसानों ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उनके लिए किसी मसीहा से कम नहीं हैं। उनके कार्यों और निर्णयों ने किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है, जिससे वे खुद को सम्मानित और सुरक्षित महसूस करते हैं।

मुख्यमंत्री निवास आमजन के लिए खुला दरबार

समाजसेवी एमएस मेवाड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रति अपने विश्वास को साझा करते हुए बताया कि उनका निवास किसी आम दरबार से कम नहीं है। चाहे गरीब हो या अमीर, किसान हो या महिला, बुजुर्ग हो या बच्चा-हर व्यक्ति की समस्या वहां सुनी जाती है। लोगों का कहना है कि जो भी व्यक्ति मुख्यमंत्री निवास जाता है, वह निराश नहीं लौटता। अधिकारियों द्वारा तत्काल समाधान किए जाने से लोगों में भरोसा और मजबूत हुआ है।

परंपरा और सम्मान का अनोखा संगम

समाजसेवी मेवाड़ा ने कहा कि इस आयोजन में सिर्फ जन्मदिन नहीं मनाया जाएगा, बल्कि पुरानी परंपराओं को भी जीवित किया जाएगा। डांडिया नृत्य और ग्रामीण संस्कृति के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि आधुनिकता के साथ-साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहना भी जरूरी है। किसानों का यह प्रयास न केवल मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान को दर्शाता है, बल्कि पूरे समाज में एक सकारात्मक संदेश भी फैलाएगा।

 देश-विदेश तक जाएगा शुभकामनाओं का संदेश

किसानों का कहना है कि यह आयोजन सिर्फ सीहोर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश, देश और यहां तक कि विश्व तक मुख्यमंत्री के जन्मदिन की शुभकामनाएं पहुंचाई जाएंगी। ढोल-नगाड़ों और नृत्य के साथ दिया गया यह संदेश एकता, खुशी और आभार का प्रतीक बनेगा। यह जश्न इस बात का प्रमाण होगा कि जब नेतृत्व जनता के दिल में बस जाता है, तो उत्सव भी दिल से ही मनाया जाता है।


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