सीहोर। जिला मुख्यालय के अंतर्गत संचालित बालिका छात्रावास में घटित दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर रानी दुर्गावती सेना के संस्थापक एवं अधिवक्ता कुंवर सुमित नर्रे ने प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी। इस दौरान पीडि़त परिवार की उपस्थिति में उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय की प्रक्रिया में पुलिस और प्रशासन दोनों की जवाबदेही अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पुलिस प्रशासन की भूमिका की सराहनीय
कुंवर सुमित नर्रे ने इस संवेदनशील मामले में पुलिस विभाग द्वारा की गई अब तक की कार्यवाही और उनके सहयोगात्मक रवैये की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जिस तत्परता से जांच को आगे बढ़ाया है, उससे कानून व्यवस्था के प्रति जनता और पीडि़त परिवार का विश्वास सुदृढ़ हुआ है।
प्रशासनिक सुचिता हेतु निलंबन की मांग
नर्रे ने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि "संस्थान की सुरक्षा में जो गंभीर चूक हुई है, उसकी जिम्मेदारी तय होना अनिवार्य है। जब तक प्रथम दृष्टया दोषी और लापरवाह छात्रावास अधीक्षक एवं संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित नहीं किया जाता, तब तक जांच की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न बना रहेगा।
अधिवक्ता कुंवर सुमित नर्रे ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि 7 दिन के अंदर लापरवाह जिम्मेदारों पर निलंबन की कार्यवाही नहीं की गई, तो रानी दुर्गावती सेना द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

0 Comments