राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस/राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह में होंगी विभिन्न गतिविधियाँ

सीहोर, 05 मार्च, 2026    प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी 04 मार्च से 10 मार्च 2026 तक देशभर में राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह मनाया जाएगा, जिसकी शुरुआत 04 मार्च को राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के रूप में होगी। इस अभियान का शुभारंभ वर्ष 1972 में औद्योगिक प्रतिष्ठानों, कार्यस्थलों एवं सार्वजनिक जीवन में सुरक्षा के प्रति व्यापक जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से किया गया था।

     वर्ष 2026 में यह महत्वपूर्ण अभियान अपने 55वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। समय के साथ यह पहल व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य Occupational Safety and Health - OSH) को सुदृढ़ करने के लिये एक प्रभावी राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसमें औद्योगिक प्रतिष्ठान, श्रमिक संगठन, शासकीय विभाग एवं नियामक संस्थाएँ सक्रिय सहभागिता निभा रहे हैं। वर्तमान औद्योगिक परिदृश्य में तकनीकी विस्तार एवं जटिल कार्य प्रक्रियाओं के दृष्टिगत सुरक्षा प्रबंधन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। दुर्घटनाओं की रोकथाम, जोखिमों की समयपूर्व पहचान तथा आपातकालीन तैयारी प्रत्येक औद्योगिक इकाई की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

   वर्ष 2026 के लिये निर्धारित थीम है- "Engage, Educate & Empower People to Enhance Safety यह थीम स्पष्ट करती है कि सुरक्षित कार्यस्थल का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक व्यक्ति सुरक्षा प्रक्रिया में सहभागी हो, नियमित रूप से प्रशिक्षित हो तथा उत्तरदायित्वपूर्ण व्यवहार अपनाए।

   राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत प्रदेश के समस्त औद्योगिक प्रतिष्ठानों में गतिविधियाँ की जायेंगी - खतरनाक श्रेणी के कारखानों में ऑन-साइट इमरजेंसी प्लान का पूर्वाभ्यास (Mock Drill)। कारखानों में सेफ्टी पोस्टर्स एवं स्लोगन प्रतियोगिता। सुरक्षा संबंधी नाटकों का आयोजन, निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता। व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) के उपयोग संबंधी प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन। स्वास्थ्य एवं औद्योगिक सुरक्षा विषयक सेमिनार एवं श्रमिकों के लिये सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल है।

  राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह का उद्देश्य केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। सामूहिक सतर्कता, अनुशासित कार्यप्रणाली एवं सतत प्रशिक्षण के माध्यम से ही दुर्घटनामुक्त एवं सुरक्षित औद्योगिक वातावरण का निर्माण संभव है।

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