अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा जिला सीहोर का होली रंगपंचमी मिलन समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया


सीहोर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा जिला सीहोर परिवार द्बारा होली रंगपंचमी मिलन समारोह भूतेश्वर महादेव मंदिर में रंग गुलाल एक दूसरे को लगाकर व गले मिल कर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रंग गुलाल लगा कर सभी सामाजिक बंधू द्वारा एक जाजम पर बैठ कर सामाजिक कार्यों, गतिविधियों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का संचालन ठाकुर गोपाल सिंह संगठन सचिव द्बारा करते हुए सामाजिक बन्धुओं कों अवगत कराया कि आपका अपना संगठन पिछले पांच वर्षों से होली रंगपंचमी मिलन समारोह आयोजित कर रहे हैं। यह कार्यक्रम सभी के सहयोग से ही सम्भव है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. महेंद्र सिंह राठौड़ सम्भागीय अध्यक्ष ने कहा कि सीहोर जिले में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा वर्ष 1997 से निरन्तर समाज हित में अनेक गतिविधियाँ व कार्यक्रम कर रहे हैं। डॉ. प्रदीप चौहान वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि हमें अपने मतभेद भूलाकर, अपने अहमों कों तिलांजलि देते हुए एक होकर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई जावे,तभी संगठन मजबूत होगा। डॉ.बलबीर तोमर ने कहा कि हमें अपने पूर्वजों के आदर्श पर चलना चाहिए व उनके बलिदानों को स्मरण करना चाहिये, उनके बलिदानों का परिणामस्वरूप हम स्वतंत्रता पूर्वक त्यौहार मना रहे हैं।

अरविंद सिंह राठौड़ अधीक्षक आदिमजाति कल्याण विभाग ने कहा कि हमें समाज के ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों के लिए लायब्रेरी आवश्यक है ताकि प्रतियोगिताओं कि तैयारी हेतु पुस्तकें, अच्छे साहित्य मिल सकें ताकि आज़ अन्य वर्ग के विधार्थियों को एसी सुविधा उपलब्ध है, हमारे विधार्थियों के लिए नहीं है। अन्य सामाजिक बन्धुओं द्बारा भी सुझाव दिए। अन्त में ठाकुर गणेश सिंह चौहान अध्यक्ष द्बारा उपस्थित सभी सामाजिक बंधूओ का धन्यवाद, आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज़ सबसे बड़ी चुनौती सामान्य वर्ग के लोगो में हैं। हमारे बच्चे मेहनत करते हैं उच्च अंक लाकर प्रतियोगिता परीक्षाओं में पिछड़ रहें। इसलिए बच्चों में संस्कार ऐसे दे ताकि बच्चे हतोत्साहित नहीं हो, उन्हें संस्कार बान व चरित्र बान बनाया जाबे। यह कार्य सर्वप्रथम परिवार व समाज का दायित्व है। होली व रंगपंचमी का त्यौंहार हमें यही संदेश देता है कि आपसी मतभेद भूलाकर पुन: एकता व संगठित होकर आगे बढे। जैसे विभिन्न रंग गुलाल एकाकार हो कर छटा बिखेरती है उसी प्रकार हम भी अलग अलग परिवार से, अलग-अलग सोच,जब एक हों जाते हैं तो हमारी सनातन संस्कृति की महक सभी महसूस करते हैं।अन्त में सभी आत्मीय बंधूओ ने एक जाजम पर बैठ कर बांटी दाल लड्डू का आनंद लिया। इस मौके पर

ठाकुर शैलेन्द्र सिंह चंदेल, शिवशंकर सिंह, रामजी सिंह,नवतेशसिह, जितेन्द्र सिंह राठौड़, करणवीर सिंह, कृष्ण सिंह सेंगर,रमेश सिंह चौहान, सियाराम सिंह, चन्दन सिंह सिसौदिया, महेंद्र सिंह चौहान, अजीत सिंह सिन्दल,लाखन सिंह गौर,लाखन सिंह ठाकुर, अंकित चौहान, सुनील चौहान आदि राजपूत क्षत्रिय समाज के लोग उपस्थित रहे।




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