प्रभारी प्रधानध्यापक एमडी शर्मा की सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह विदाई-शिक्षक कभी सेवानिवृत नहीं होते, समाज को देते हैं हमेशा नई दिशा-संयोजक जितेन्द्र तिवारी


सीहोर। शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते हैं। सेवाकाल में रहते हुए वह बच्चों को शिक्षा देते हैं। वहीं सेवानिवृत्ति बाद अपने अनुभवों के आधार पर समाज को नई दिशा देने का काम करते हैं शिक्षक। उक्त बातें ग्राम सेमरादांगी के शासकीय माध्यमिक शाला से सेवा निवृत्त होने वाले प्रभारी प्रधानाध्यापक एमडी शर्मा विदाई समारोह को संबोधित करते हुए संस्कार मंच के संयोजक जितेन्द्र तिवारी ने विदाई समारोह को संबोधित करते हुए कही। इस मौके पर सेवा निवृत्त होने वाले प्रभारी प्रधानध्यापक श्री शर्मा को यहां पर स्टाफ और विद्यार्थियों ने भावुक रूप से पुष्प वर्षा कर स्वागत सम्मान किया।

कार्यक्रम के यहां पर मौजूद अन्य वक्ताओं ने कहाकि प्रभारी प्रधानाध्यापक की सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह एक भावुक और सम्मानजनक अवसर होता है, जिसमें शिक्षक के समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और विद्यालय के प्रति योगदान को याद किया जाता है। इस कार्यक्रम में विदाई भाषण, उपहार, सम्मान पत्र भेंट किए और उनके सुखद व स्वस्थ भविष्य की कामना की। विदाई कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि सन 1984 में उन्होंने ग्राम सांकला अहमदपुर में शिक्षक के रूप में शिक्षा के मंदिर में अपनी सेवा दी है। करीब 42 सालों से वह शिक्षक और प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में सेवा दे रहे है। उन्होंने कहा कि बच्चे जहां राष्ट्र की धरोहर हैं, वहीं शिक्षक राष्ट्र के प्रहरी। सेवाकाल में रहते हुए शिक्षक समाज का दर्पण होता है। भविष्य की नई राह दिखाने वालों को शिक्षक कहते हैं।

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