प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय स्नातकोत्तर (अग्रणी) महाविद्यालय, सीहोर में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के सहयोग से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस–2026 का भव्य एवं गरिमामय आयोजन दो दिन (27–28 फरवरी 2026) तक आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम “Women in Science: Catalyzing Viksit Bharat” रही, जिसमें विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की निर्णायक एवं सशक्त भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. रोहिताश्व कुमार शर्मा के प्रेरक उद्बोधन से हुआ। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. मॉली थॉमस ने विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती सहभागिता एवं समान अवसरों की आवश्यकता पर बल दिया।
विशिष्ट वक्ता के रूप में शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय की डॉ. सुषमा दुराफे ने महिलाओं के विज्ञान में योगदान विषय पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय महिला वैज्ञानिकों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कमला सोहनी एवं ई. के. जानकी अम्माल जैसी विभूतियों के योगदान को रेखांकित किया।
मुख्य वक्ता के रूप में मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल से डॉ. खुशहाली एम. पांडे ने जैव अभियांत्रिकी के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला, जबकि महाराजा भोज शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, धार के डॉ. सागर सेन ने गैर-पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों के महत्व को स्पष्ट किया।
दो दिवसीय आयोजन के अंतर्गत “अपशिष्ट से संपदा: नवाचार” विषय पर रंगोली, “विकसित भारत में नारी शक्ति” पर पोस्टर, “विकसित भारत हेतु प्रौद्योगिकी” पर मॉडल तथा “महिला वैज्ञानिक एवं उनका योगदान” विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने विज्ञान और संस्कृति के सुंदर समन्वय को साकार किया।
समापन अवसर पर डॉ. नितिन बातव, डॉ. शील चंद्र गुप्ता (प्रशासनिक अधिकारी), डॉ. ज्योति नेताम (विभागाध्यक्ष, राजनीति शास्त्र) सहित अन्य शिक्षकगणों एवं विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंत में उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। उत्साह, नवाचार और प्रेरणा से परिपूर्ण यह आयोजन सफलतापूर्वक आयोजित हुआ।

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