सीहोर। क्षीर धारा ग्राम योजना प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुरूप प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने एवं दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने के लिए क्षीर धारा ग्राम योजना का संचालन जिले में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के द्वितीय चरण की समाप्ति के पश्चात से ही किया जा रहा है। पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के कुशल निर्देशन व जिले के कलेक्टर श्री बाला गुरु के व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीहोर श्रीमती सर्जना यादव के नेतृत्व में सीहोर जिले के समस्त ग्रामों को तीन चरणों में क्षीरधारा ग्राम में परिवर्तित किया जावेगा। योजना अंतर्गत जिले के चयनित ग्रामों को प्रेरक के रूप में व अन्य ग्रामों के लिए अनुकरणीय रूप में प्रस्तुत किया जावेगा। इसी कड़ी में ग्राम रसूलपुरा में सर्वे किया गया। योजना अनुसार आगामी तीन वर्षों में संपूर्ण जिले को क्षीर धारा में परिवर्तित किया जावेगा। इस योजना के अंतर्गत ग्रामों का प्रथम चरण का चयन का आधार ग्राम में प्रगतिशील पशु पालक, ग्राम में उपलब्ध उन्नत नस्ल के पशुओं कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा, शत-प्रतिशत टीकाकरण, शत-प्रतिशत टैगिंग,हरे चारे की उपलब्धता तथा गौबर व गौमूत्र का समुचित निष्पादन एवं मूल्य संवर्धन रहेगा। पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ.आर.पी. गौतम ने जिले के समस्त मैदानी अधिकारी कर्मचारियों को योजना अनुरूप समय सीमा में कार्य संपादन कर जिले को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के निर्देश दिए हैं।

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