सुशासन, पारदर्शिता और जनहित में त्वरित समाधान की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है "संकल्प से समाधान" अभियान - कलेक्टर कलेक्टर ने जिले में "संकल्प से समाधान" अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश


सीहोर, 13 जनवरी, 2026  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशानुसार युवा दिवस 12 जनवरी से प्रदेश में प्रारंभ हुए “संकल्प से समाधान” अभियान के जिले में प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने द्वारा अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि यह अभियान सुशासन, पारदर्शिता और जनहित में त्वरित समाधान की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक तक समयबद्ध रूप से पहुंचाना है।

  कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने कहा कि 12 जनवरी से प्रारंभ हो चुके इस अभियान को जिले में पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ संचालित किया जाए। उन्होंने सभी जिला, अनुविभागीय, विकासखंड एवं नगरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को केवल औपचारिकता न मानते हुए इसे जनसेवा के संकल्प के रूप में क्रियान्वित करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

     बैठक में कलेक्टर ने अभियान की चरणबद्ध कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए बताया कि “संकल्प से समाधान” अभियान 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक चार चरणों में संचालित किया जा रहा है। प्रथम चरण में ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों के वार्ड स्तर पर गठित समितियों के माध्यम से आवेदन एवं शिकायतों का एकत्रीकरण किया जा रहा है। इसके लिए घर-घर संपर्क, शिविरों का आयोजन तथा वार्ड स्तरीय दलों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि इस चरण में प्राप्त होने वाले प्रत्येक आवेदन को अनिवार्य रूप से सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाए।

कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने स्पष्ट किया कि अभियान की संपूर्ण कार्यवाही सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से ही संपादित की जा रही है, इसलिए सभी नोडल अधिकारी पोर्टल पर समय पर, सही एवं पूर्ण प्रविष्टि सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आवेदन दर्ज करने में देरी, गलत प्रविष्टि या निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रथम चरण में प्राप्त आवेदनों की नियमित समीक्षा जिला स्तर पर की जाएगी।

 बैठक में द्वितीय चरण के संबंध में कलेक्टर ने बताया कि 16 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक ग्रामीण क्षेत्रों में क्लस्टर स्तर पर तथा शहरी क्षेत्रों में जोन स्तर पर शिविर आयोजित कर प्रथम चरण में प्राप्त एवं शेष आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि क्लस्टर एवं जोन स्तर पर आयोजित शिविरों में संबंधित विभागों के अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और यथासंभव मौके पर ही समस्याओं का समाधान कर हितलाभ वितरण किया जाए।

    कलेक्टर ने तृतीय चरण की जानकारी देते हुए कहा कि 16 मार्च से 26 मार्च 2026 तक विकासखंड एवं नगर स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें क्लस्टर एवं जोन स्तर पर अनिराकृत आवेदनों के साथ नवीन आवेदनों का भी निराकरण किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि विकासखंड मुख्यालयों पर आयोजित शिविरों में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, जिससे नागरिकों को एक ही स्थान पर समाधान उपलब्ध हो सके।

  अभियान के चतुर्थ एवं अंतिम चरण पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने बताया कि 26 मार्च से 31 मार्च 2026 तक जिला स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनकी अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री द्वारा की जाएगी। इन शिविरों में शेष सभी अनिराकृत आवेदनों का निराकरण कर पात्र हितग्राहियों को सम्मानपूर्वक हितलाभ वितरित किया जाएगा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि 31 मार्च 2026 तक सभी आवेदनों का अंतिम निराकरण अनिवार्य रूप से किया जाना है।

   बैठक में कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने यह भी निर्देश दिए कि शिविरों की तिथि, स्थान एवं समय की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया एवं अन्य प्रचार माध्यमों का व्यापक उपयोग किया जाए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक अभियान से जुड़ सकें। उन्होंने अधिकारियों से स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नवाचार करने और जनहित में प्रभावी पहल करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि “संकल्प से समाधान” अभियान शासन और जनता के बीच विश्वास को सुदृढ़ करने का माध्यम है। सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि सीहोर जिला इस अभियान के क्रियान्वयन में प्रदेश में एक उदाहरण प्रस्तुत कर सके।

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