सीहोर। शहर के प्राचीन करोली माता मंदिर में लगातार दस दिनों तक सहस्त्र चंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया। इस मौके पर दस दिनों में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने माघ गुप्त नवरात्रि में हुए इस ऐतिहासिक महायज्ञ के अंतिम दिवस कार्यक्रम के अध्यक्ष विवेक राठौर, मुख्य यजमान तरुण राठौर, यज्ञाचार्य पंडित महादेव शर्मा और मीडिया प्रभारी प्रदीप समाधिया आदि ने दिव्य अनुष्ठान में यज्ञ का कार्य समापन करने वाले 108 विप्रजनों का सम्मान किया। वहीं कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री राठौर ने कहाकि जिले के इतिहास में पहली बार होने वाले भव्य कार्यक्रम में धर्मप्रेमियों, सभी समाजों, संगठनों और क्षेत्रवासियों ने बढ़चढ़कर सहयोग प्रदान किया है। जिससे महायज्ञ ऐतिहासिक रहा है। सनातन धर्म को जोड़ने के लिए कराए ऐतिहासिक महायज्ञ में चारों वर्ण के यजमानों को शामिल किया गया इसके अलावा सभी समाजों के लोगों ने एक साथ एक पगंत पर बैठकर भोजन किया।
मीडिया प्रभारी प्रदीप समाधिया ने बताया कि राष्ट्र स्वंय सेवक संघ, विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल, अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय बजरंग दल, हिन्द रक्षक युवा समिति श्री बिटुलेश सेवा समिति, माधव महांकाल आरोग्य समिति, संडे का सुकुन, मानव आधार सेवा समिति, श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर समिति, सिद्धिविनायक सेवा समिति, माँ कैलादेवी सेवा समिति, करौली माता मंदिर, माँ भवानी दुर्गा उत्सव समिति, दशहरा मैदान, जय माता दी दुर्गा उत्सव समिति, फारेस्ट कॉलोनी, गंज श्री नगर दुर्गा उत्सव समिति, बंसकार मोहल्ला, श्री राम भक्त हनुमान मण्डल, माता मंदिर सिद्धपुर, सुदामा नवयुवक संगठन, सुदामा नगर गंज सिद्धपुर, माँ कालका उत्सव समिति, गंज सिद्धपुर, माँ आशो कालका उत्सव समिति, कुम्हार मोहल्ला गंज सिद्धपुर, शीतला माता मंदिर, गंज सिद्धपुर, युवा ज्योति संगठन, बजरिया सिद्धपुर, नव दुर्गा उत्सव समिति, कोतवाली चौराहा सिद्धपुर, महाशक्ति कालका सेवा समिति, पान चौराहा सिद्धपुर, जय झूलेलाल दुर्गा उत्सव समिति, सिंधी कॉलोनी सिद्धपुर, माँ कालका उत्सव समिति, गाड़ी अड्डा सिद्धपुर, नव ज्योति संगठन, नमक चौराहा सिद्धपुर, हरदौल लाला माता मंदिर, कोतवाली चौराहा सिद्धपुर, नव दुर्गा उत्सव समिति, इन्द्रा नगर सिद्धपुर सहित करीब 100 से अधिक संगठनों और सभी सामाजिक संगठनों को भव्य आयोजन में शामिल किया गया था। इसके अलावा प्रशासन और धर्मप्रेमियों के अलावा क्षेत्रवासी भी इस ऐतिहासिक महायज्ञ से आस्था के जुडे रहे।

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