सीहोर। जनसहयोग सेवा समिति के बेनर तले ३५६ वीर शहीदों के शहादत पर विचार एवं काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया। उपस्थित कवि एवं नगर के गणमान्य नागरिकों ने वीरशहिदों की स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस अवसर पर राजेश पाठक ने कहा कि शहीदों की चिताओं पर लगेंगे इस तरह मेले वतन पर मरने वालों का बस यही नामों निशां होगा, संत मोहित पाठक ने कहा कि ३५६ वीर सिद्धपुर में शहीद हुए यह घटना जलिया वाला बाग से कम नही है, सीहोर के शहीद स्थल बने पर्यटक स्थल, यही हम सब की कोशिश है।
इस मौके पर कविगणों ने काव्यपाठ किया। जिसमें हीरालाल जायसवाल अनाड़ी ने कहा सिद्धपुर सीहोर की पावन धरा पे हमें ३५६ शहिदों की वीरगाथा सुनाई देती है। डॉ. विजेन्द्र जायसवाल ने आओ मिलकर भारत माँ का अभिनन्दन कर लें। गोविन्द लोवानिया ने कल्पना से परे हैं जिन्दगी। युवा कवि लक्ष्मण चौकसे ने पत्नि का दर्द, हीरालाल शर्मा ने जय सरदार भगत सिंह की जय हो महाराणा प्रताप की जय हो शिवा की। शंकरलाल शर्मा ने मन से बड़ा बहरूपिया ना कोई, त्रिलोकचंद दुबे ने माटी में जन्में वीरों को कोटि नमन हमारा कविताओं का पाठ कर काव्यगोष्ठी को ऊचाई प्रदान करते हुए शहिदों को कविता के माध्यम से याद किया। उपस्थित नागरिकगणों में जितेन्द्र तिवारी, जितेन्द्र नरोलिया, मिथलेश शर्मा, मनोज मालवीय, चन्द्रकला शर्मा, संतोष शर्मा, पे्रमलता राठौर, सुशीला पाठक, अनिल चौहान, बनेसिंह मेवाड़ा आदि उपस्थित रहे। अंत में आभार समिति अध्यक्ष लक्ष्मण चौकसे ने माना।

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