स्वास्थ्य सेवाओं एवं योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए, न कि सिर्फ आंकड़ों में - कलेक्टर कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित


सीहोर, 27 जनवरी 2026    कलेक्टर श्री बालागुरू के. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं, विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, स्वास्थ्य संस्थाओं की स्थिति, दवाओं की उपलब्धता एवं जनस्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

  बैठक में कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं और इनमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी फील्ड विजिट करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई व्यक्ति स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में परेशान न हो। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं एवं शासन की योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए, न कि सिर्फ आंकड़ों में।

    उन्होंने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में दवाइयों की सतत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को मिशन मोड में संचालित किया जाए तथा अधिक से अधिक मरीजों की समय पर पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए।

    कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने निर्देशित किया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाए, विशेषकर SNCU, NRC एवं अन्य विशेष इकाइयों में संसाधनों एवं मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य केवल उपचार नहीं बल्कि समय पर रोकथाम, जागरूकता और गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करना है।

   बैठक में बताया गया कि सीहोर जिले की कुल जनसंख्या 15,93,268 है तथा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु विभिन्न स्तरों पर संस्थागत ढांचे का विकास किया गया है। जिले में ब्लड बैंक, ब्लड स्टोरेज यूनिट, जिला अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (DEIC), न्यूट्रीशन रिहैबिलिटेशन सेंटर (NRC), न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट (NBSU), स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) तथा पीडियाट्रिक आईसीयू (PICU) जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य इकाइयाँ कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त किया जा रहा है।

  बैठक में अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 तक जिले के स्वास्थ्य गतिविधियों की समीक्षा की गई। SNCU सीहोर के अंतर्गत नवजात शिशुओं के उपचार एवं देखभाल सेवाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की गई। इसके साथ ही राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी नोटिफिकेशन, टेस्टिंग स्थिति, निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत डीबीटी वितरण, एक्स-रे सेवाओं की स्थिति तथा टीबी मरीजों को प्रदाय की जाने वाली फूड बास्केट योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

  बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी विकासखंडों में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, फील्ड स्तर पर कार्यरत अमले की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे। कलेक्टर ने कहा कि डेटा आधारित मॉनिटरिंग, पारदर्शिता और जवाबदेही के माध्यम से ही स्वास्थ्य सेवाओं में वास्तविक सुधार संभव है। बैठक में सीएमएचओ डॉ सुधीर कुमार डेहरिया, महिला बाल विकास विभाग के डीपीओ श्री ज्ञानेश खरे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।



 



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