संघर्ष से मिली शिक्षा संस्कार बनती है ऐश्वर्य से मिली शिक्षा अहंकार बनती है -पंमोहितरामजी

 



सीहोर | श्री शिव महापुराण कथा हमारे जीवन में आने वाले सभी संघर्ष सभी विपदा सभी समस्या दुख कष्ट का सामना करना सिखाती है भगवान शिव की यह मंगलदायक कथा कब संघर्ष के साथ संस्कार बन जाती है यह मालूम ही नहीं पड़ता इसलिए हर गांव हर घर जिले में श्री शिव महापुराण शिव कथा होनी चाहिए, शिव की कथा आपके जीवन को शिव मय बना देती हैं शाश्वत सनातन बना देती है। उक्त उद्गार सीहोर मध्य प्रदेश से पधारे कथा व्यास परम गौभक्त क्रांतिकारी राष्ट्रीय संत पंडित मोहित राम जी पाठक ने ग्राम खारंग धमतरी छत्तीसगढ़ में चल रही सप्त दिवस श्री शिव महापुराण कथा के दौरान व्यक्त किए, आगे कथा में वर्णन करते हुए कहा कि जिस प्रकार शिव महापुराण में 24000 श्लोक साथ संहिता है एक-एक श्लोक एक-एक संहिता मानव जीवन के लिए अति आवश्यक है जो भगवान शिव की भगवान रुद्र की कथा सुनता है वह स्वयं रुद्र के समान शंकर के समान हों जाता है ब्राह्मण देवराज चंचल बंदुग ऐसी कई कथा आपको शिव पुराण में मिल जाएंगी जहां शिव पुराण सुनकर स्वयं भक्त भी शिव बन जाता है भगवान शंकर उसे अपना गण बना लेते हैं इसलिए हमें शिव की महादेव की शंकर की शरण ग्रहण करना चाहिए शंकर ही सनातन है शिव ही सनातन है और हमें अपना सनातनी होने का परिचय देना चाहिए, भगवान शंकर पर चढ़ाया गया एक चावल का दाना सौ गुना फलदाई होता है भगवान शिव का नाम हजार गुना फलदाई होता है इसलिए जितना हो सके पंचाक्षर मंत्र का जाप करें भगवान शिव को जल अक्षत चावल बिल पत्र अर्पण करें शिव भक्ति में तनमय होकर शिव कथा को सुनना चाहिए आज तृतीय दिवस की कथा में बड़ी धूमधाम से भगवान शिव माता पार्वती का विवाह उत्सव मनाया जाएगा आयोजन कर्ता साहू परिवार एवं समस्त ग्रामवासी खरेंगा धमतरी ने संपूर्ण क्षेत्र वासियों से कथा में पधार कर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया।


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