श्री गणेश ने माँ की आज्ञा के लिए प्राण न्यौछावर करें थे हम मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वस्व अर्पण कर दें-पं.मोहितरामजी पाठक



सीहोर। भगवान श्री गणेश ने माँ पार्वती की आज्ञा पालन के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। भगवान शंकर से उनका युद्ध हुआ माँ की आज्ञा पालन करने वचन निभाते हुए प्राण त्याग दिए थे और भगवान शंकर ने अपने त्रिशूल से भगवान श्री गणेश का मुख काट दिया था, हमें भी अपनी मातृभूमि वसुंधरा की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च न्यौछावर करने के लिये सदैव तत्पर रहना होगा। यही श्री कुलेश्वर शिव पुराण का सार है। उक्त उद्गार सीहोर से पधारे कथा व्यास परम गौभक्त क्रांतिकारी राष्ट्रीय संत पंडित मोहितरामजी पाठक सीहोर वालों ने खरेंगा धमतरी छत्तीसगढ़ की पावन भूमि पर साहू परिवार द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय श्री कुलेश्वर शिव महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस व्यक्त किए, आगे कथा में वर्णन करते हुए कहा कि भगवान गणेश ने मातृ आज्ञा का पालन किया हम सभी को भी अपने सनातनी हिंदू होने का कर्तव्य निभाना चाहिए और भारत की एकता अखंडता सनातन धर्म की रक्षा हमारी संस्कृति संस्कार की रक्षा, गौ-माता की रक्षा के लिए हमको अपना सनातन सर्वोपरि कर देना चाहिए। जिस प्रकार शिव महापुराण में भगवान गणेश ने मातृ आज्ञा का पालन कर अपने प्राण त्याग दिए थे, हमें भी संकल्प लेना है कि अपने इस शरीर मन क्रम वचन के द्वारा हम सनातन धर्म की सेवा रक्षा एवं अपने राष्ट्र की अखंडता बनाकर रखें। छत्तीसगढ़ का एक-एक शिव भक्त भगवान राम के ननिहाल दक्षिण कौशल की पावन भूमि पर हो रहे धर्मांतरण जैसे घोर पाप को रोकने के लिए मिलकर हम सभी लोगों को एक जुटता के सााि कार्य करना होगा। आयोजन समिति ग्राम खरेंगा एवं साहू परिवार ने संपूर्ण क्षेत्रवासियों से पंचम दिवस की कथा में पधार कर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया।


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