सीहोर। बोधिसत्व बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस एवं टंट्या मामा भील के शहादत दिवस पर बहुजन उत्सव समिति व राष्ट्रीय बौद्ध महा सभा द्वारा विशाल केंडल मार्च तहसील चौराहा से डॉ. अम्बेडकर पार्क तक निकाला गया. केंडल मार्च डॉ. अम्बेडकर पार्क में पहुंचा, उसके उपरांत विराट कवि सम्मेलन का आयोजन बहुजन महा पुरुषो की विचार धारा पर आधारित किया गया. कवि सम्मेलन में बालाघाट से पहुंचे राष्ट्रीय कवि व प्रबोधनकार शैलेश शैल नें शानदार काव्य पाठ करते हुए पढ़ा - आसमां से ऊँचे काम जिसके है, दुनिया में चर्चे सरेआम उसके है, दासता से मुक्ति दिलाकर बतला दिया भीम ने,हम है मर्जी के मालिक हम गुलाम किसके है.समदपुरी(मध्यप्रदेश) से काव्य पाठ के लिए मंच पर आये कवि गोविंदा गांवठी नें पढ़ा-मिलता नहीं है। दुनिया में,ऐसा कोई विधान,लिख दिया बाबा साहेब ने ऐसा संविधान। शाजापुर के शायर जनाब हसन मिजऱ्ा हसन ने शानदार असआर पेश कर वाहवाही लूटी उन्होंने पढ़ा -मैं संविधान हूं भारत तुझे तोफे में मिला हूं,हिंदू हो मुस्लिम हो सिख हो या ईसाई गरीब हो फकीर हो या सफाई सबके मौलिक अधिकारों की किताब हु..कवयित्री कृष्णा सूर्यवंशी ने मधुर गीत ने झूमने पर मजबूर कर दिया-उच्च नीच दूर कर प्रेम को दिलों में भर ,देश का बढ़ाया स्वाभिमान को प्रणाम है। लालच को त्याग दिया देशहित काम किया, किया जो उन्होंने बलिदान को प्रणाम है.भिंड के ओज गीत कवि जोरावर सिंह ने भारतीय सविधान को रेखांकित शानदार गीत पढ़ा -प्यारा-प्यारा संविधान, प्यारा-प्यारा संविधान, भारत में बसने वालों को कर दिया है एक समान..सागर के गीतकार दयाराम सागर ने बेहतरीन गीत प्रस्तुत किया. कवि सम्मेलन का शानदार संचालन कवि कमल सिंह कमल के द्वारा किया गया. कवि सम्मेलन एवं महा परिनिर्वाण दिवस की प्रस्तावना सामाजिक चिंतक डी बी बड़ोदिया, एवं कमल कीर द्वारा रखी गई। आभार वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता श्री धनराज थरेले द्वारा रखी गई. कार्यक्रम के आयोजन में सामाजिक चिंतक कमलेश दोहरे, नीरज जाटव, लाडसीह कटारिया, निरमल कचनेरिया, शुसीला दोहरे, प्रेमलता शैल,रीना मालवीय,लक्ष्मी दोहरे, जितेंद्र मालवीय, जनम सिंह परमार, आशा परमार, धनसिंह मालवीय, हरिओम जाटव, इंजीनियर राजेश कुमार, एनपी नागेश, एन पी सागर सहित कई सामाजिक कार्यकरताओ का विशेष योगदान

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