सीहोर। कहते हैं मुश्किल कितनी ही बड़ी हो, लेकिन मेहनत करें तो व्यक्ति ठान ले तो क्या नही पा सकता, ऐसा ही उदाहरण सीहोर जिले की श्यामपुर तहसील के छोटे से गांव घाट पलासी में कृषक स्वर्गीय छोटेराम मीणा के सुपुत्र भैयालाल मीणा ने पेश किया। वर्ष 2021 में पिताजी की आकस्मिक मृत्यु हो हाने पर पारिवारिक जिम्मेदारी के साथ-साथ वर्ष 2021 में स्कूल शिक्षा विभाग की उच्च माध्यमिक शिक्षक परीक्षा घर पर अध्ययन करके उत्तीर्ण की और वर्तमान में शासकीय सांदीपनि उच्च माध्यमिक विद्यालय सीहोर में पदस्थ है। इसके साथ ही 2022 की एमपीपीएससी असि. प्रोफेसर परीक्षा भी उन्होंने घर पर ही अध्ययन करते हुए 73 वां स्थान प्राप्त कर सफलता हासिल की। उनकी सफलता पर उनके परिजनों, मित्रगणों सहित ग्रामीणजनों सहित आसपास के क्षेत्र में खुशी की लहर है। सभी ने उनको बधाई एवं शुभकामनाऐं प्रेषित की है। भैयालाल मीणा ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने स्वर्गीय पिता-माता एवं गुरुजनों को देते हुए बताया कि मेरे स्वर्गीय पिता एंव माताजी ने कड़ी मेहनत कर मुझे इस मुकाम पर पहुंचाया, मेरी इस सफलता में गुरुजनों की भी अहम भूमिका रही, साथ ही श्री मीणा ने बताया कि एक समय ऐसा आया था, जब मेंरी आर्थिक स्थित काफी गंभीर हो गई थी और मैं कालेज की फीस जमा करने में असर्मथ हो गया था, तब मेरे एक मित्र रवि शंकर वर्मा, जिनकी उस समय नौकरी सब इंस्पेक्टर के पद पर लग चुकी थी, उन्होने मुझे होसला दिया और कहा कि मैं हु ना आप तैयारी करें, उन्होने मेरी बीएड कॉलेज की फीस जमा की और भोपाल में रहने का पुरा खर्च भी उठाया, आश्चर्य और घनिष्ठता की बात तो यह है कि अब जब मैं स्वयं उच्च पद पर पदस्थ हुं और मेने मेरे उस दोस्त को जब पैसे देना चाहा तो उसने पैसे लेने से मना कर दिया और कहा कि मेने तुम्हें पैसे उधार नही दिये थे, वह तो मेरा कर्तव्य था, आज मैं उस दोस्त का भी आभारी हुं और आशा व्यक्त करता हूं कि हर युवा अपनी सच्ची मित्रता निभाऐं एवं कड़ी मेहनत करें, सफलता आपके भी कदम चुमेगी।


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