वर्षाकाल समाप्त और जिले की पांच तहसीलों में कम बरसात, किसानों की बढ़ती चिंता पिछले 24 घंटे में 9.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज बीते वर्ष से कम हुई है इस बार बरसात

सीहोर। वर्षाकाल 15 सितम्बर तक ही माना जाता है, इस अवधि में ही झमाझम बरसात होती है, आधा सितम्बर महीना बीत जाने के बाद भी जिले की पांच तहसीलें ऐसी हैं जो अभी भी औसत वर्षा से काफी दूर खड़ी हुई। और मौसम भी साफ है, यदि आगामी दिनों में बरसात नहीं होती है, तो रबी की फसल सहित पेयजल की स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। बरसात कम होने के कारण से जलाशयों में भी भरपूर पानी नहीं है।

गौर तलब है कि इस बार जब वर्षा की शुरूआत हुई थी। तब लोगो को बेहतर बरसात का अनुमान था, पर इस बार जुलाई अगस्त महीने में झमाझम बरसात का लोगों को इंतजार ही रहा है। अब 15 सितम्बर बीतने के बाद वर्षा की स्थिति यह है, जिले में औसत बरसात करीब 49 इंच बरसात दर्ज की गई है। जबकि जिले में 45 इंच औसत आंकड़ा है। जिले की पांच तहसीलें ऐसी है जिनमें अभी तक 27 से 35 इंच तक बरसात हुई है। यदि अब इन तहसीलों में बेहतर बरसात आगामी दिनों में नहीं होती है तो काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। जबकि जिले में बीते 24 घंटों में 9 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई है।

औसत के आंकड़े से काफी दूर बरसात

जिले में अभी तक सितम्बर को प्रात: 8 बजे तक 39 इंच मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। गत वर्ष इसी अवधि में औसत वर्षा 40 इंच थी। जिले की वर्षा ऋतु में सामान्य औसत वर्षा अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार 01 जून से 17 सितम्बर 2025 तक जिले के वषार्मापी केन्द्र सीहोर में 34 इंच , श्यामपुर में 35 इंच, आष्टा में 31 इंच, जावर में 27 इंच, इछावर में 35 इंच, भैरूंदा में 40 इंच, बुधनी में 54 इंच तथा रेहटी में 48 इंच मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।

औसत के आंकड़े से काफी दूर यह तहसीलें

 जिले में इस बार झमाझम बरसात नहीं हो रही है। इससे किसानों में अभी चिंता दिखाई दे रही है। जिले में 45 इंच का आंकड़ा औसत का है। जबकि अभी तक जिले की आष्टा, सीहोर, जावर, इछावर, श्यामपुर ऐसी तहसीलें हैं जो कि यहां अभी तक 27 से लेकर 35 इंच तक ही बरसात हुई है। इससे इस क्षेत्र के जलाशयों में भी पर्याप्त पानी नहीं है, खरीफ की फसल जैसे तैसे हो जाएगी, लेकिन रबी की फसल के दौरान किसानों को काफी मुश्किलों का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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