सीहोर। पितृ पक्ष में पितरों के पूजन और उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करने की परंपरा है, वहीं वृद्धाश्रम में बढ़ती बुजुर्गों की संख्या बताती है कि जीते जी उनका तिरस्कार उनके बच्चे ही कर रहे हैं, लेकिन क्षेत्रवासी नियमित रूप से इन वृद्धजनों की सेवा करते है। शहर के सैकड़ाखेड़ी स्थित संकल्प वृद्धाश्रम में वर्तमान में दो दर्जन वृद्धजन निवासरत है। श्रद्धा भक्ति सेवा समिति और क्षेत्रवासियों के सहयोग से यहां पर प्रतिदिन भजन-कीर्तन के अलावा अनेक आयोजन किए जाते है, जिससे इन वृद्धों को यहां पर खुशहाल जीवन का आनंद आता है। रविवार को वृद्धाश्रम में पितृपक्ष की पूर्णिमा पर हवन और भजन के साथ भोजन का वितरण किया गया। यहां पर इन वृद्धों की सेवा करने के लिए सोलह श्राद्ध पर लोगों ने बुकिंग की है। इस मौके पर केन्द्र के संचालक राहुल सिंह, समिति की ओर से मनोज दीक्षित मामा, धर्मेन्द्र माहेश्वरी आदि पहुंचे।
समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि जिला संस्कार मंच और श्रद्धा भक्ति सेवा समिति की ओर से 16 दिनों तक धर्मसभा का आयोजन किया जाएगा। इसमें भागवत कथा, शिव कथा और रामकथा का आयोजन के अलावा प्रसादी का वितरण किया जाएगा। श्राद्ध पक्ष में वृद्धाश्रम में खीर-पूडी का वितरण करना एक पुण्य कार्य है जो पितरों के प्रति आदर और श्रद्धा दर्शाता है, क्योंकि इस समय खीर-पूरी को पितरों को प्रसन्न करने और खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उपयुक्त माना जाता है। यह भोजन वितरण समाज के बुजुर्गों के प्रति सम्मान व्यक्त करने और पितृ पक्ष की भावना को सार्थक करने का एक तरीका है।
श्रद्धापूर्वक नमन करने की परंपरा
पितृ पक्ष में पितरों के पूजन और उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करने की परंपरा है, वहीं वृद्धाश्रम में बढ़ती बुजुर्गों की संख्या बताती है कि जीते जी उनका तिरस्कार उनके बच्चे ही कर रहे हैं। बच्चों ने मां-बाप को घरों से बाहर निकाल दिया। वर्षों तक माता-पिता ने मजदूरी करके जिन बच्चों को बड़ा किया, आज वही बच्चे दो वक्त की रोटी अपने माता-पिता को नहीं दे रहे हैं। ऐसे पितृ पक्ष में कुछ समाजसेवी भी हैं जो वृद्धाश्रम जाकर दान-पुण्य कर रहे हैं। बुजुर्गों के साथ समय बिताते हैं और उनके साथ भोजन कर उनकी पसंद की चीजें उन्हें उपहार स्वरूप देते हैं। वृद्धों से मिलने उनके बच्चे नहीं आते है, लेकिन कुछ समाजसेवी हैं जो पितृ पक्ष में आकर यहां वृद्धों को भोजन कराते हैं। 15 दिनों तक पुड़ी, सब्जी, खीर और अन्य व्यंजन वृद्धों को खिलाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों की भी एडवांस बुकिंग चल रही है। वहीं केन्द्र के संचालक राहुल सिंह और उनकी पूरी टीम निस्वार्थ भाव से यहां पर निवासरत वृद्धजनों की सेवा कर रही है। इसमें जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी शामिल है।

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