सीहोर, 13 अगस्त, 2025 महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के लिए विशेष पंजीकरण अभियान की अवधि 15 अगस्त, 2025 तक बढ़ा दी है। आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में घर-घर जाकर जागरूकता एवं नामांकन सभी पात्र गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं तक पहुंचना और योजना के तहत उनका समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करना है। पीएमएमवीवाई गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं (पीडब्लूएंडएलएम) के बीच पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार में सुधार लाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है और बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है।
पीएमएमवीवाई वेतन में कमी होने की स्थिति में आंशिक मुआवजे के रूप में नकद प्रोत्साहन प्रदान करती है ताकि माताएं पहले बच्चे के जन्म से पहले और बाद में आराम कर सकें। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मिशन शक्ति की उप-योजना 'सामर्थ्य' के अंतर्गत एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जो प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान करती है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत, मिशन शक्ति योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार, पहली संतान के लिए दो किस्तों में 5,000 रूपये और दूसरी बालिका के जन्म के बाद एक किस्त में 6,000 रूपये की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं में स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार में सुधार लाना और देश भर में बेहतर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुनिश्चित करना है।
इस योजना का क्रियानवयन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों द्वारा अपने क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं के माध्यम से नए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सॉफ्टवेयर का उपयोग करके किया जाता है, जिसे मार्च, 2023 में लॉन्च किया गया था। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सॉफ्टवेयर के तहत, यूआईडीएआई के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण डिजिटल रूप से किया जाता है और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा सत्यापन सुनिश्चित किया जाता है ताकि धनराशि सीधे उनके डीबीटी-सक्षम आधार-सीडेड बैंक या डाकघर खातों में स्थानांतरित की जा सके। योजना के सुचारू वितरण और व्यापक कवरेज को सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पोर्टल में एकीकृत शिकायत मॉड्यूल, बहुभाषी और टोल-फ्री प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना हेल्पलाइन (14408), चेहरे की पहचान प्रणाली का उपयोग करके आधार-समर्थित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की संभावित लाभार्थियों की सूची जैसे कई सुधार किए हैं।
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