जानी सोनकर ने सहपत्नि किये शरीर के अंग दान मरणोपरांत उनके अंगों से मिलेगा किसी को जीवन


सीहोर। सीहोर निवासी जानी सोनकर के द्वारा स्वयं व उनकी धर्मपत्नि ललिता सोनकर के द्वारा अपने शरीर के लिवर, किडनी, हृदय सहित अंग अर्थात ऊतकों को मरणोपरांत निकाले जाने की लिखित स्वीकृति दी है। जिससे कि इनके मरणोपरांत इनके अंगों से किसी को जीवन मिल सकेगा। इनके इस परोपकारी कार्य से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।

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