सीहोर। जनसुनवाई की लम्बे लाईन में मंगलवार को गुरूजी भी लगे दिखाई दिए। मध्य प्रदेश पंचायत संविदा शाला शिक्षक नियम 2005 के अधीन गुरूजी के रूप में पदस्थ किए गए शिक्षकों ने कलेक्टर को अपना दुखड़ा सुनाया।
उन्होने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का अभाव है कई स्कूल अतिथि शिक्षकों के भरोसे चल रहे है, न्यायालय के आदेश हो चुके है, जिलाधीश ने भी पत्र जारी कर दिया है फिर भी डीईओ साहब हमारी किसी भी स्कूल में पदस्थापना नहीं कर रहे है, जबकी हम सभी तरह के टेस्ट पास कर चुके है कई बार आवेदन कर दिए है पर डीईओ साहब हमें सरकारी शिक्षक मानने को तैयार ही नहीं है। गुरूजियों ने कहा कि हमारा वेतन मात्र पांच हजार रूपये माह तय किया गया है जिस कारण हमारे द्वारा निकटम स्कूल में पदस्थापना की मांग की गई है।
संविदा शिक्षक वर्गं 03 के गुरूजी अनुदेशक जगदीश दुबे ने कहा कि डीईओ कलेक्टर और माननीय सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट के आदेश भी मानने को तैयार नहीं है। जिस के कारण जिले के आधा दर्जन गुुरूजी हताश हो गए है। हम दो माह से डीईओ और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगा रहे है पर हमारी सुनवाई नहीं हो रही है।
भेरुँदा निवासी शिक्षक रमेश पॅवार इछावर के सुरेश परमार और देवनारायण मकरैया सीहेार के बद्रीप्रसाद वर्मा और जगदीश दुबे अहमदपुर के बादामसिंह चौहान ने शीघ्र ही निकटम स्कूल में पदस्थापना कराए जाने की मांग कलेक्टर से की है।


0 Comments