जतिन को चलते देखकर माता-पिता की आंखों में छलक उठे खुशी के आंसू



सीहोर, 17 मार्च, 2025 सीहोर जिले के ग्राम थूनाकला निवासी श्रीमती अनसुईया और विजय के चेहरे की खुशी का उस समय ठिकाना नही रहा जब उन्होंने अपने तीन साल के बेटे जतिन को चलते हुए देखा। दरअसल जातिन का वजन जन्म से ही कम था और उम्र बढ़ने के साथ ही वजन सही मात्रा में नही बढ़ रहा था। जतिन तीन साल का होने के बावजूद भी अभी चलना तो दूर बल्कि खड़ा भी नही हो पा रहा था।


 इसके लिए जतिन को जिला अस्पताल के न्यूट्रीशन रिहैबिलिटेशन सेंटर में भर्ती कराया गया। इसके बाद जतिन को अस्पताल के जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) में भर्ती कराया गया। डीईआईसी में जतिन की फिजियोथेरेपी शुरू की गई। इसके साथ ही बेलेंसिंग, स्ट्रेचिंग, एनडीटी, गेट ट्रेनिंग की शुरूआत की गई। डॉक्टरों और माता पिता की लगभग चार महीने की कड़ी मेहनत और आपसी समन्वय से जतिन की स्थिती में अत्यधिक सुधार देखने को मिला है। अब जतिन अपने पैरों पर तो खड़ा हो ही पा रहा है बल्कि चलने भी लगा है। जब जतिन के माता पिता ने अपने बेटे को चलते हुए देखा तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। उन्होंने डीईआईसी एवं एनआरसी के डॉक्टरों को इसके लिए दिल से धन्यवाद दिया। जतिन की स्थिति में शत-प्रतिशत सुधार हो सके इसके निरंतर थेरेपी निरंतर जारी है।

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