कलेक्टर ने स्कूल और जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र का किया निरीक्षण जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में आए दिव्यांग बच्चों के माता-पिता से कलेक्टर ने की चर्चा





सीहोर, 20 मार्च, 2025  कलेक्टर श्री बालागुरू के ने सीहोर स्थित जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र एवं सरदार अमरजीत सिंह स्मृति हा.से. स्कूल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र का किया निरीक्षण

कलेक्टर श्री बालागुरु के. ने जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के निरीक्षण के दौरान केंद्र में के सभी अनुभागों का निरीक्षण किया और केंद्र में संचालित गतिविधियों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने केंद्र में आने वाले दिव्यांग जनों की पंजीयन प्रक्रिया से लेकर सभी गतिविधियों को अवलोकन किया। कलेक्टर श्री बालागुरू के ने केंद्र में आएं दिव्यांग बच्चों से वह माता-पिता से चर्चा भी की। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग का भी अवलोकन किया और बच्चों का उत्साहवर्धन किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री बालागुरू के. को विभाग के उप संचालक श्री महेश यादव ने जानकारी दी कि केंद्र में दिव्यांगजनों को विशेष शिक्षा, मोबिलिटी ट्रेनिंग, असेसमेंट, काउंसलिंग, श्रवण जांच, फिजियोथेरेपी, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण सहित अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। केंद्र में दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण बनाए जाते हैं और शासन की योजनाओं का लाभ भी दिलाया जाता है। निरीक्षण के दौरान सुश्री अंकिता ठाकुर, सुश्री उमा दीक्षित, श्री डीडी नागले सहित अन्‍य अधिकारी एवं स्टॉफ के सदस्य उपस्थित थे।

स्कूल का किया निरीक्षण

कलेक्टर श्री बालागुरू के ने सरदार अमरजीत सिंह स्मृति हायर सेकेंडरी स्कूल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों और मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्कूल संचालक समिति के सदस्यों से चर्चा और उनकी समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन किया और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल में कक्षाओं, कंप्यूटर लैब सहित संपूर्ण स्कूल परिसर एवं भवन का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल परिसर में स्वच्छता, पेयजल सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राचार्य को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक परिवेश उपलब्ध कराएं ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि विद्यार्थियों की नियमित काउंसलिंग करें और उनकी पढ़ाई में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान करें ताकि बच्चों को पढ़ाई बोझिल न 


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