गौमाता की सेवा और सुरक्षा ही सनातन धर्म-पं.मोहितरामजी



सीहोर। जन्म देने वाली माता और दूध पिलाने वाली गौ माता यह दोनों हमारे जीवन का आधार है। एक माँ जन्म देकर इस पृथ्वी पर लाती हो दूसरी मां पृथ्वी पर जब तक हम रहते हैं,हमारा पालन करती है। सनातन में जननी और गौ माता का श्रेष्ठ स्थान है यही राम कथा हमें सिखाती है। उक्त उद्गार श्रीपाल वाले बाबा हनुमान मंदिर प्रांगण में चल रही नवदिवसीय श्री राम कथा महोत्सव के अष्टम दिवस कथा व्यास क्रांतिकारी वक्ता गौभक्त पंडित मोहित रामजी पाठक ने कहे आगे कथा में वर्णन करते हुए कहा कि जिस प्रकार भगवान श्री राम ने माता के केकई के वचन को पूर्ण करने के लिए अयोध्या का राज छोडक़र बनवास गए थे वहां जाकर ऋषि मुनि गौ माता की सेवा करी सुरक्षा करी रक्षति क्षत निशाचारों से सनातन धर्म का संरक्षण करा बाली खर दूषण तीसरा जैसे राक्षक निशाचारों को मारा धर्म की स्थापना करी आज आज इस रामकेश देश में गौ माता की बड़ी-बड़ी स्थित है नित्य गायों की हत्या हो रही गाय काटी जा रही है हम सबको मिलकर इसको रोकना होगा जिस दिन भारत से गौमाता खत्म हो गई सनातन धर्म भी नष्ट हो जाएगा

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