सीहोर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सुबह 10 बजे गांधी पार्क पहुंचकर गांधी जी की प्रतिमा एवं शास्त्रीजी के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित किये एवं उनके मार्गदर्शन पर सतत चलते रहने का संकल्प लिया। इस मौके पर कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने कहा कि आज सभी को गांधीजी व शास्त्री जी के बताये हुए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। महात्मा गांधी ने स्वदेशी आंदोलन में ब्रिटिश कपड़ों और मसालों का बहिष्कार करने का आह्वान किया। जब शास्त्री जी देश के प्रधानमंत्री बने तो हरित क्रांति की शुरुआत की। इसके परिणामस्वरूप, भारत खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बना। यह बड़े ही सौभाग्य की बात है कि आज महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री दोनों की एक साथ जयंती मनाने का अवसर मिला। सत्य के साधक गांधी जी व सादगी की मिसाल पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जीवन कई मायनों में समान था। गांधी जी के विचारों को शास्त्री जी ने सत्ता के शीर्ष पर रहकर भी जिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ओमदीप राठौर ने द्वारा उपस्थित कांग्रेसजनों को शपथ दिलाते हुए कहा कि गांधी जी कहते थे... मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है। शांतिपूर्ण प्रतिरोध और न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में उनकी शिक्षाएं और मूल्य न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में पीढिय़ों को प्रेरित करती रहेंगी।

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