सूर्य जैसा आचरण और अन्यों का मार्ग दर्शन यज्ञ ही है -आचार्य आनंद पुरुषार्थी

सीहोर। जिस प्रकार सूर्य के आगमन के पूर्व प्रात: काल लालिमा आने लगती है। इसी प्रकार महापुरुषों का यश उनके पूर्व उनके आने के पूर्व पहुंच जाता है। आचार्य जी ने कहा जैसे सूर्य अपनी धुरी नहीं छोड़ता सूर्य कभी अपेक्षा नहीं रखता सूर्य भेदभाव नहीं करता छुट्टी नहीं लेता इसी प्रकार हम आर्यों को समाज सेवा में पूरी तरह तत्पर रहना चाहिए बिना किसी अपेक्षा के संसार में आध्यात्मिक कार्यों का अनुष्ठान आर्यों को करते रहना चाहिए सूर्य का प्रकाश जहां पड़ता है वहां के रोगों का विनाश कर देता है इसी प्रकार जहां भी हम जाएं संसार के विभिन्न लोगों का कल्याण हमें करते जाना चाहिए उक्त विचार नर्मदापुरम से आए हुए अन्तर्राष्ट्रीय वैदिक प्रवक्ता आचार्य पुरुषार्थी जी ने आर्य समाज गंज सीहोर के वेद प्रचार सप्ताह के तीसरे दिन व्यक्त किये।

 उन्होंने कहा यदि सच्चा आर्य है तो अपनी संतानों को भी उसको वेदों के प्रति निष्ठावान बनाना चाहिए ।
पं0 भीष्म आर्य जी बिजनौर उत्तर प्रदेश से पधारे हुए कि ईश्वर वेद और और देश भक्ति के भजन सुनाकर पूरी जनता जनार्दन को अपनी और आकृष्ट किया ।
आर्य समाज के मंत्री आर्य ऋतेश राठौर ने संवाददाता को बताया कि 1 सितंबर 29024 को आर्य समाज के वेद प्रचार सप्ताह का बृहत् स्तर पर समापन होगा, जिसमें करीब 25 यज्ञवेदियो पर 100 यजमान दंपत्ती बैठेंगे और समाज, राष्ट्र के कल्याण की आहुतियां प्रदान करेंगे।
हिन्दू (आर्य ) समाज के सभी अनुयायियों से प्रतिदिन आने की अपील की गई है। दोपहर में आचार्य श्री का 2 घंटे का उद्बोधन उत्कृष्ट जीवन के सूत्र विषय पर सेंट मेरी स्कूल के छात्र-छात्राओं के बीच हुआ । आचार्य श्री ने छात्र-छात्राओं के प्रश्राों का बहुत रुचि पूर्वक शंका समाधान किया।



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