सीहोर। आरक्षण मुद्दे को लेकर कोर्ट के निराशाजनक फैसले और भाजपा सरकार के ठण्डे रवैया के बाद ओबीसी महासभा ने प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने का फैसला कर लिया है। रविवार को इन्हीं मुद्दों को लेकर ओबीसी महासभा ने निजी होटल में पत्रकार वार्ता आयोजित की। ओबीसी महासभा के जिला अध्यक्ष श्याम सिंह मीणा,भोपाल संभाग अध्यक्ष चांद सिंह मेवाडा अपाक्स संगठन जिलाध्यक्ष कमल कीर ने पत्रकारों के समक्ष आंदोलन की रूपरेखा और भाजपा सरकार के द्वारा ओबीसी वर्ग के साथ किए गए अन्याय को लेकर अपना पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आह्वान पर ओबीसी महासभा मंत्रालय पहुंची थी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से चर्चा की गई लेकिन कोई भी सकारात्मक नतीजा नहीं निकला। मध्य प्रदेश सरकार की मंशा है कि ओबीसी महासभा 27% आरक्षण को लेकर कोई भी धरना प्रदर्शन आंदोलन नहीं करें। देश के सभी राज्यों में ओबीसी को 27% से अधिक आरक्षण प्राप्त है लेकिन मध्य प्रदेश में केवल 14% आरक्षण दिया जा रहा है। निराशाजनक बात यह है कि कोर्ट ओबीसी वर्ग के खिलाफ ही फैसला सुना रहा है। बीते 80 सालों से पिछडे वर्ग को लगातार गुमराह किया जा रहा है। अब ओबीसी महासभा चुप नहीं बैठेगा ओबीसी में 6000 से अधिक जातियां सम्मिलित है और मध्य प्रदेश में 52% ओबीसी वर्ग की आबादी है। संख्या भारी है इसके बाद भी आरक्षण में हिस्सेदारी नाम मात्र की है। भाजपा बीते 25 सालों से प्रदेश की सत्ता में है। कांग्रेस के कमलनाथ को छोड़कर 18 सालों से प्रदेश में ओबीसी का मुख्यमंत्री है लेकिन फिर भी ओबीसी वर्ग को न्याय नहीं मिला है। ओबीसी महासभा का आंदोलन अब किसी भी स्थिति में रुकेगा नहीं तहसील जिला संभाग और प्रदेश लेवल पर यह आंदोलन 28 तारीख से विभिन्न चरणों में शुरू किया जा रहा है।

0 Comments