सीहोर। डोल ग्यारस के पावन अवसर पर मंगलवार को शहर में विभिन्न मंदिरों से निकले डोलों का नगर पालिका परिषद के तत्वावधान में कोतवाली चौराहे पर स्वागत एवं सम्मान किया गया। शहर के अलग-अलग मंदिरों से भगवान को विमान और डोल में विराजमान कर बैंड-बाजे के साथ निकली शोभायात्राएं कोतवाली चौराहे पर पहुंचीं। यहां नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, पार्षदों और क्षेत्रवासियों ने भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा मंदिरों के महंतों एवं पुजारियों का स्वागत-सम्मान किया। डोल ग्यारस पर सुबह से ही शहर के विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और श्रृंगार किया गया। इसके बाद भगवान को डोल और विमानों में विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। जैसे-जैसे डोल कोतवाली चौराहे की ओर पहुंचे, श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ती गई। बैंड-बाजे और धार्मिक जयकारों के बीच चौराहा भक्तिमय नजर आया। कोतवाली चौराहे पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने पार्षदों और क्षेत्रवासियों के साथ विभिन्न मंदिरों से आए डोलों में विराजमान भगवान की पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिरों के महंतों और पुजारियों का स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी का वितरण भी किया गया।
शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से डोलों के पहुंचने के साथ कोतवाली चौराहा धार्मिक उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन करने के लिए पहुंचे। लोगों ने भगवान के समक्ष पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने कहा कि डोल ग्यारस का पर्व शहर में वर्षों से धार्मिक आस्था और परंपरा के साथ मनाया जाता रहा है। इस अवसर पर शहर के विभिन्न मंदिरों से भगवान डोल पर सवार होकर नगर भ्रमण करते हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन शहर की धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सहभागिता से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि डोल ग्यारस के दौरान अलग-अलग मंदिरों से निकलने वाले डोल जब शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरते हैं तो श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इससे पूरे शहर में धार्मिक उत्साह का वातावरण बनता है।
अनंत चौदस पर अटल चौराहे पर होगा आयोजन
नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने बताया कि आगामी अनंत चौदस के पावन पर्व पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शहर के अटल चौराहे पर मंच लगाया जाएगा। यहां गणेश उत्सव के दौरान निकलने वाली आकर्षक झांकियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। साथ ही विभिन्न अखाड़ों को प्रोत्साहन राशि देकर उनका उत्साहवर्धन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शहरवासियों की भागीदारी से उत्सव का स्वरूप और व्यापक होता है। अनंत चौदस के अवसर पर निकलने वाली झांकियों और अखाड़ों के आयोजन को लेकर भी तैयारियां की जाएंगी। डोल ग्यारस के अवसर पर हुए स्वागत-सम्मान कार्यक्रम में नगर पालिका के पार्षद, मंदिरों के महंत-पुजारी, श्रद्धालु और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। बैंड-बाजे और भगवान के जयकारों के साथ निकले डोलों ने शहर के धार्मिक माहौल को उत्सवी बना दिया।

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